एक लड़का स्कूल से आते ही पॉकेट मनी की मांग करने लगा क्योंकि उसके सभी सहपाठी पैसे पाते थे। उसके पिता, जो एक माली हैं, उसकी पढ़ाई के लिए संघर्ष कर रहे थे। निराश होकर, लड़का मैदान में बैठकर रोने लगा। वहीं, उसकी पड़ोसन, जो कचरा चुनकर पैसे कमाती थी, उसके पास आई और उससे पूछा कि वह क्यों रो रहा है। लड़के ने कहा कि उसे स्कूल नहीं जाना क्योंकि उसके पास पॉकेट मनी नहीं है। लड़की ने उसे बताया कि वह कचरा बीनकर रोज साठ रुपए कमाती है और उसे काम करने के लिए प्रस्ताव दिया। लड़का इस काम को करने से हिचकिचा रहा था, लेकिन लड़की ने उसे समझाया कि वह उसकी मदद कर सकती है। कहानी बच्चों के बीच की आर्थिक असमानता और उनके संघर्षों को दर्शाती है। स्वाभिमान - लघुकथा - 25 Kanta Roy द्वारा हिंदी लघुकथा 8.4k 1.7k Downloads 6.8k Views Writen by Kanta Roy Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण स्कूल से आते ही उस दिन लड़का देर तक चिल्लाता रहा कि उसे पॉकेट मनी चाहिए ही चाहिए! क्योंकि उसके सभी सहपाठियों को उनके पिता पॉकेट मनी देते हैं। उसका माली पिता बड़ी मुश्किल से उसके लिए अंग्रेजी स्कूल में पढ़ाई के लिए खर्च जुटा पाते थे। वे अपनी असमर्थता से व्याकुल हो बिना खाए-पिए हताशा में घर से बाहर निकल बस स्टैंड की तरफ जाने वाली गली में बढ़ गए। More Likes This दिल्ली जिमखाना क्लब द्वारा Devendra Kumar Fake Boyfriend real Feelings - 1 द्वारा Mawaskar Pratigya कॉल - 1 द्वारा sky कुछ बातें मां बाप के दिल की । - 3 द्वारा miss k पढ़ाकू द्वारा Vandna Sharma कोन्निचिवा: माय देसी लव - 1 द्वारा Kajal Soam किराए का घर द्वारा Vandna Sharma अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी