यह कहानी एक गरीब परिवार की है जो गोमती नदी के किनारे कुटिया में रहता है। परिवार में माता-पिता और उनका नन्हा बेटा गणेश है। गणेश और उसकी मां भगवान गणपति की भक्ति में लीन रहते हैं, लेकिन पिता की मदिरा पीने की आदत और गाली-गलौच से परेशान हैं। एक दिन, गणेश भगवान से प्रार्थना करता है कि उसके पिता को नशे से मुक्त करें और उसकी मां के दुःख दूर करें। वह अपनी मासूमियत से भगवान गणेश की स्तुति गाता है और अपने पिता के अच्छे इंसान बनने की कामना करता है। गणेश का भक्ति भाव और प्रार्थना उसके परिवार की कठिनाइयों को मिटाने के लिए भगवान की ओर एक सच्चा अनुरोध है। गणेश vinod kumar dave द्वारा हिंदी आध्यात्मिक कथा 7.9k 3.4k Downloads 10k Views Writen by vinod kumar dave Category आध्यात्मिक कथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण कलियुग का आरंभ हो चुका था, गोमती नदी के किनारे कुटिया बनाकर रहने वाला एक गरीब परिवार अपनी विपन्न स्थिति से त्रस्त था। छोटा सा परिवार था, माता पिता और उनका नन्हा बालक जिसका नाम था ....... पढिये एक सुंदर बाल कहानी, जो गणपति के स्तुति वंदन हेतु श्लोक, आरती, चालीसा, भजन आदि सामग्री भी संजोये हुए है। More Likes This तेरे मेरे दरमियान - 114 द्वारा CHIRANJIT TEWARY Hero - 4 द्वारा Ram Make स्वर्ग का दरवाजा - 1 द्वारा Author Pawan Singh अहंकार का पोस्टमार्टम - भाग 1 द्वारा Shivraj Bhokare प्राचीन ज्ञान और आधुनिक चेतना के बीच एक नया संवाद - 1 द्वारा Vedanta Life Agyat Agyani Vedanta 2.0 Life - 4 द्वारा Vedanta Life Agyat Agyani ध्वनि:अंतश्चेतना के बोध - 1 द्वारा Prashanth B अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी