शीला की शादी का दिन था और वह वैभव के प्यार से खुश थी। लेकिन शादी की रस्मों के दौरान, वैभव के पिता ने कहा कि उन्हें 50 हजार रुपये चाहिए, तभी फेरों की प्रक्रिया शुरू होगी। शीला के पिता पैसे जुटाने में असमर्थ थे, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। वैभव ने अपने पिता की बात मानने से इनकार किया। शीला ने अपने स्वाभिमान को बनाए रखते हुए यह तय किया कि वह ऐसे लालची परिवार का हिस्सा नहीं बनेगी। उसने अपनी सहेली से मोबाइल लेकर किसी से मदद मांगी, यह कहते हुए कि उसकी शादी 50 हजार रुपये के बिना नहीं हो सकती। स्वाभिमान - लघुकथा - 4 Kirti Gandhi द्वारा हिंदी लघुकथा 3.9k 1.1k Downloads 4.3k Views Writen by Kirti Gandhi Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण आज शीला की शादी का दिन था। पिछले सात महीनों से वैभव उसके प्रति जिस प्यार का इजहार करता आ रहा था, उससे शीला भी बहुत खुश थी। इतना बड़ा घर और पढ़ा- लिखा लड़का, उसे तो खुद से खुशनसीब कोई नजर ही नहीं आ रहा था। फेरो के समय उसने कनखियों से वैभव को देखा तो वह भी उसे देखकर मुस्कुरा रहा था ।पंडितजी के मंत्री चल रहे थे और वह अपने भविष्य के सपने बुन रही थी । अचानक रूक जाओ शब्द ने उसकी तल्लीनता भंग कर दी। वैभव के पिता कह रहे थे , हमारे घर की परंपरा है कि लड़की वाले जब 50 हजार रुपये देते हैं तभी लड़का फेरों के लिए पैर आगे बढ़ाता है। More Likes This उड़ान (1) द्वारा Asfal Ashok नौकरी द्वारा S Sinha रागिनी से राघवी (भाग 1) द्वारा Asfal Ashok अभिनेता मुन्नन द्वारा Devendra Kumar यादो की सहेलगाह - रंजन कुमार देसाई (1) द्वारा Ramesh Desai मां... हमारे अस्तित्व की पहचान - 3 द्वारा Soni shakya शनिवार की शपथ द्वारा Dhaval Chauhan अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी