चोरी Neetu Singh Renuka द्वारा लघुकथा में हिंदी पीडीएफ

चोरी

Neetu Singh Renuka मातृभारती सत्यापित द्वारा हिंदी लघुकथा

वह इधर-उधर भटक रहा था। शायद बेमतलब या हो सकता है मतलब से भी। पिछले तीन दिन से वह कोई चोरी नहीं कर पाया था। मिनिस्टर साहब को भी अभी आना था। जाते किसी और बड़े शहर में, आराम ...और पढ़े