यह कहानी विक्रम नामक एक जुनूनी युवा की है, जो देश के प्रति अपने प्रेम और समर्पण के कारण भारतीय सेना में शामिल होना चाहता था। कहानी का प्रारंभ इस बात से होता है कि एक व्यक्ति विक्रम के जुनून को याद करते हुए उसकी बात कर रहा है, जबकि वह चांदनी रात में बर्फीली हवाओं के बीच बैठा है। पास में उसके नए कमांडोज़ साथी विक्रम के बारे में जानने के लिए उत्सुक हैं। विक्रम का जन्म 9 सितंबर 1974 को हिमाचल प्रदेश के पालमपुर के एक परिवार में हुआ, जहाँ उसकी माँ ने उसे 'विक्रम' नाम दिया। उसने अपनी शिक्षा डीएवी और सेंट्रल स्कूल पालमपुर से शुरू की और स्कूल के दिनों से ही देशभक्ति की भावना में प्रेरित हुआ। चंडीगढ़ में विज्ञान में स्नातक करने के दौरान, विक्रम एनसीसी का सर्वश्रेष्ठ कैडेट बना और गणतंत्र दिवस की परेड में भाग लिया। विक्रम ने भारतीय सेना में शामिल होने का दृढ़ संकल्प किया और हांगकांग में मर्चेंट नेवी की नौकरी का प्रस्ताव ठुकराकर सेना में प्रवेश लिया। जुलाई 1997 में, विक्रम ने भारतीय सैन्य अकादमी, देहरादून में प्रशिक्षण प्राप्त किया और दिसंबर 1997 में उसे लेफ्टिनेंट के रूप में पहली नियुक्ति मिली। कहानी इस प्रकार विक्रम के समर्पण और देश के प्रति उसके जुनून को उजागर करती है, जहाँ वह न केवल एक सैनिक बनता है बल्कि अपने सपनों को साकार करने की ओर बढ़ता है। यह दिल मांगे मोर VIRENDER VEER MEHTA द्वारा हिंदी प्रेरक कथा 9.5k 3.9k Downloads 22.8k Views Writen by VIRENDER VEER MEHTA Category प्रेरक कथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण "एक जुनून देखा था मैंने हमेशा उनकी बातों में आँखों में, तिरंगे की शान के लिए मर मिटने का जुनून... और शायद उस दिन उसने अपने जुनून को पा लिया था या फिर जिस लक्ष्य के लिए उसने जन्म लिया था, उसे पूरा कर लिया था....।" अपनी बात कहते हुए अनायास ही मेरी नजरें, सफ़ेद बर्फ से ढकी चोटियों के बीच पूर्णिमा के चाँद की रौशनी में अलग से चमकती उस चोटी पर जा टिकी थी जहां अक्सर हम बातें किया करते थे। श्रीनगर-लेह मार्ग के ठीक ऊपर चांदनी रात की बर्फीली हवाओं More Likes This सादगी के स्वर : लेखिका गीता कुमारी - 2 द्वारा Geeta Kumari ट्रिपलेट्स भाग 2 द्वारा Raj Phulware जहाँ से खुद को पाया - 1 द्वारा vikram kori 8:30 pm शांति एक्सप्रेस - 1 द्वारा Bhumika Gadhvi स्वयं पर नज़र: जीवन को समझने का असली मार्ग - 1 द्वारा Sweta Pandey बलवीर की बल्ली - भाग 1 द्वारा Raj Phulware बड़े दिल वाला - भाग - 1 द्वारा Ratna Pandey अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी