यह कविता "जिंदगी" की एक दास्तान सुनाती है। यह कहानी 2 जुलाई 1997 की है, जब एक बच्चे ने अपनी माँ के पेट में लात मारी। यह एक अंधेरी रात थी, और बच्चे के पिता ने इस खुशखबरी को अपने करीबी लोगों को फोन करके बताया। उस रात बारिश हो रही थी और सब लोग अस्पताल में इकट्ठा हुए, जिसमें भाई-बहन भी शामिल थे। सबके दिमाग में तनाव था और डॉक्टर भी रात में पहुँच गए। डॉक्टर ने बच्चे की जांच के लिए स्टेथोस्कोप लगाया। यह कविता जीवन के आरंभ और उसके भावनात्मक क्षणों को दर्शाती है। जिंदगी Raaj द्वारा हिंदी नाटक 30.3k 3.8k Downloads 13.1k Views Writen by Raaj Category नाटक पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण the story of life in poetry but the tone of this poem is like a rap song .so if u read it like poem sometimes u miss tone but if u read like a freestyle rap it would be perfect. More Likes This सौतेली माँ का साया (भाग 1) द्वारा Nisha Choudhary कुँवारी बिंदी - 1 द्वारा Prem Shankar माँ का वह अनकहा खत (भाग 2) द्वारा Nisha Choudhary दो पतियों की लाडली पत्नी (Season 2) - 1 द्वारा Sonam Brijwasi माँ का वह अनकहा खत (भाग 1) द्वारा Nisha Choudhary DASTAN-E-KARB - भ्रम से परे क्या है? - Chapter 1 Scene 1 द्वारा Azoorey सौभाग्याची शपथ - भाग 3 द्वारा jayesh zomate अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी