"शांतनु" एक कहानी है जिसमें मुख्य पात्र शांतनु की दिनचर्या और उसके सहकर्मियों के साथ बातचीत को दर्शाया गया है। हर सुबह कार्यालय में सभी कर्मचारी अपने कार्यों की जानकारी साझा करते हैं। एक दिन, शांतनु को पता चलता है कि उनके बॉस की माँ का निधन हो गया है और वह कोलकाता गए हैं। शांतनु को यह जानकर दुख होता है, क्योंकि वह अपनी दौड़-भाग में था और यह जानकारी नहीं मिल पाई। उसका दोस्त अक्षय बताता है कि उसके फोन की बैटरी खत्म होने के कारण वह किसी से संपर्क नहीं कर सका। कहानी कार्यालय की रोजमर्रा की जिंदगी और व्यक्तिगत संबंधों को उजागर करती है। शांतनु - 2 Siddharth Chhaya द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 39.8k 2.9k Downloads 6.2k Views Writen by Siddharth Chhaya Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण शांतनु अपने ऑफ़िस देर से ज़रूर पहुँचता है, पर बाद में कुछ ऐसा होता है जो शांतनु की जिंदगी को पूरी तरह बदल देने की प्रक्रिया की शुरुआत मात्र थी! चलिये जानते है की शांतनु की जिंदगी में तूफान बन कर कौन आने वाला है Novels शांतनु शांतनु मातृभारती पर इसी नाम से अत्यंत लोकप्रिय साबित हुए गुजराती उपन्यास का हिन्दी रूपांतरण है इस उपन्यास में एक तरफ़ा प्रेम और दोस्ती की ऊंचाईयों को... More Likes This कुदरत का कानून..- 2 द्वारा shilpi वो रात जब सब बदल गया - 1 द्वारा Ishaaa LAST STAGE - 1 द्वारा Muhib Khan K Pop मेरा पति - 1 द्वारा shreya उम्मीदों की छाँव - अध्याय 1 द्वारा mahendr Kachariya कोहरे का पुराना पुल और अंदर की आवाज - भाग 2 द्वारा Vishakha Pareek SHADOW'S WORLD - CHAPTER 1 द्वारा Ansul Fouzdar अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी