"शांतनु" एक कहानी है जिसमें ज्वलंत भाई अपने एकमात्र पुत्र शांतनु को सुबह जगाते हैं। यह एक नियमित दिनचर्या है, जिसमें पिता-पुत्र के बीच हल्के-फुल्के संवाद होते हैं। शांतनु, जो हाल ही में एक अंतरराष्ट्रीय इंश्योरेंस कंपनी में काम शुरू किया है, अपने पिता का बहुत लाड़ला है। ज्वलंत भाई, जिन्होंने अपनी पत्नी धरित्री को कैंसर से खो दिया है, प्रयास करते हैं कि शांतनु को अपनी माँ की कमी महसूस न हो। वह सुबह का नाश्ता खुद बनाते हैं, ताकि धरित्री बेन की यादों को जिंदा रख सकें। कहानी पिता-पुत्र के रिश्ते, परंपराओं और यादों के इर्द-गिर्द घूमती है। शांतनु - 1 Siddharth Chhaya द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 73.4k 3.2k Downloads 8.6k Views Writen by Siddharth Chhaya Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण शांतनु मातृभारती पर इसी नाम से अत्यंत लोकप्रिय साबित हुए गुजराती उपन्यास का हिन्दी रूपांतरण है इस उपन्यास में एक तरफ़ा प्रेम और दोस्ती की ऊंचाईयों को बड़ी परिपक्वता से दर्शाया गया है आइये साथ साथ पढ़ना शुरू करते हैं... शांतनु! Novels शांतनु शांतनु मातृभारती पर इसी नाम से अत्यंत लोकप्रिय साबित हुए गुजराती उपन्यास का हिन्दी रूपांतरण है इस उपन्यास में एक तरफ़ा प्रेम और दोस्ती की ऊंचाईयों को... More Likes This अनाथ - अध्याय 1 द्वारा Dev Kumar Rawat गायब - एक रात की कहानी - 1 द्वारा Patel Lay Starseeds - Part 1 द्वारा vyomatara Oyy Mr. Vampire - 1 द्वारा kusum kumari बारह बरश का इंतज़ार - 2 द्वारा kusum kumari Second Chance - 1 द्वारा wang pang माई डियर प्रोफेसर - भाग 21 द्वारा Vartika reena अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी