यह कहानी विभिन्न भावनाओं और विचारों का संगम है, जिसमें समय, संघर्ष, न्याय और अनुभवों की बात की गई है। 1. **समय की सलवटें**: एक व्यक्ति अपने अतीत को समझता है और अपने आत्मबल के सहारे आगे बढ़ने का संकल्प करता है। वह अपने अनुभवों को संजोता है और यह महसूस करता है कि जीवन में साथी बनकर चलना महत्वपूर्ण है। 2. **स्याही**: लेखक की मानसिक स्थिति और तनाव का वर्णन है, जिसमें वह अपने विचारों को व्यक्त करने में असमर्थ महसूस करता है। खेलों की जीत-हार का प्रभाव उसके लेखन पर भी पड़ता है। 3. **चक्रव्यूह**: यह भाग उन लोगों की जीत की कहानी है जो विपरीत परिस्थितियों में भी सफल होते हैं। यह गद्दारों और द्रोहियों के खिलाफ संघर्ष का प्रतीक है। 4. **समय**: समय की गति और उसकी अनिश्चितता का जिक्र है। लेखक समय के धीरे चलने की कामना करता है ताकि वह अपने जीवन में कुछ सकारात्मक बदलाव ला सके। 5. **संशय**: यह भाग समाज में व्याप्त भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी को उजागर करता है। नोटबंदी के प्रभावों और काली कमाई के मुद्दे पर विचार किया गया है। कुल मिलाकर, ये कविताएँ जीवन के विभिन्न पहलुओं, संघर्ष, और अनुभवों को दर्शाती हैं, जो समाज और व्यक्ति की वास्तविकताओं के प्रति जागरूकता लाती हैं। इन्द्रधनुषी - आनन्द Mukteshwar Prasad Singh द्वारा हिंदी कविता 1.3k 2.3k Downloads 8.8k Views Writen by Mukteshwar Prasad Singh Category कविता पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण (1) समय की सलवटें ----------------- समय की सलवटों को सहेजता उलझनों की झुरमुटों से झाँकता एक चेहरा निहारता है दुलारता है अपने अतीत को जिसने मजबूती दी है उसके असतित्व को। अब मालूम है कानून की कलाबाज़ियाँ जो रोज रोज उघारता जाँचता परखता है जनेन्द्रियाँ। उसकी सोच पलट गयी है - उसके पास है समाधान अब वह नहीं है नादान क्यों हो परेशान हारी हुई बाजी नहीं है वो अकेले चलने को है तैयार क्योंकि साथ है आत्मबल का हथियार। न्याय तो उसी दिन मिल गया जिस दिन धरती पर पांव दिया। धीरे धीरे एहसास More Likes This जिंदगी संघर्ष से सुकून तक कविताएं - 1 द्वारा Kuldeep Singh पर्यावरण पर गीत – हरा-भरा रखो ये जग सारा द्वारा Poonam Kumari My Shayari Book - 2 द्वारा Roshan baiplawat मेरे शब्द ( संग्रह ) द्वारा Apurv Adarsh स्याही के शब्द - 1 द्वारा Deepak Bundela Arymoulik अदृश्य त्याग अर्धांगिनी - 1 द्वारा archana ग़ज़ल - सहारा में चल के देखते हैं - प्रस्तावना द्वारा alka agrwal raj अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी