यह कहानी एक पिता के अनुभव के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपने बच्चे के लिए सही स्कूल की तलाश में है। वह एक व्यक्ति से पूछता है और जानता है कि वह स्पेशल बच्चों का स्कूल 'बगिया' जा रहा है। यह शब्द 'मंद बुद्धी' उसके मन में हलचल पैदा करता है, क्योंकि यह उसके इकलौते बेटे व्योम से जुड़ा है। कहानी में पिता और उसकी पत्नी दीपा के बीच बच्चा होने की खुशी और उसकी लिंग पर बहस भी दिखाई गई है। अंत में, वह 'बगिया' स्कूल के सामने पहुँचता है, जहाँ रागिनी आहूजा स्कूल की संचालिका हैं। यह कहानी एक संवेदनशीलता और माता-पिता के अनुभवों को उजागर करती है। बगिया Ashish Kumar Trivedi द्वारा हिंदी लघुकथा 15.5k 1.8k Downloads 7.4k Views Writen by Ashish Kumar Trivedi Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण मुझे वहाँ का माहौल बहुत अच्छा लग रहा था। सबसे मिल कर तथा स्कूल का भली भांति मुआयना करने के बाद मैं घर के लिए चल दिया। कार चलाते हुए पहली बार मैं व्योम के भविष्य को लेकर आशान्वित था। अब हमारा बच्चा भी जीवन में आगे बढ़ेगा। भले ही वह दूसरे बच्चों की तरह ना हो। सीखने में कुछ समय लगाए। लेकिन धीमी गति से ही सही वह सीखने की तरफ अपना कदम बढ़ाएगा। More Likes This आखिरी कोशिश - 1 द्वारा Subhan Khan कहाँ खो गया वह होशियार अजय - 1 द्वारा Anamika ठुकराईन नयना देवी - 3 द्वारा Vandna Sharma लोकतंत्र की ज़मीनी सच्चाई - 1 द्वारा Std Maurya दिल्ली जिमखाना क्लब द्वारा Devendra Kumar Fake Boyfriend real Feelings - 1 द्वारा Mawaskar Pratigya कॉल - 1 द्वारा sky अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी