इस कहानी में पुरुषोत्तम एक सीढ़ी से बल्ब का होल्डर खोलता है और एक छोटा यंत्र निकालता है। मंजरी उसे बताती है कि आज के खाने में ज़हर मिलाया गया है, लेकिन उसे नहीं पता कि ज़हर किसने डाला है। पुरुषोत्तम हैरान है और समझता है कि उसे फंसाने और मारने की साजिश की जा रही है। वह मंजरी को निर्देश देता है कि उसे जो भी करने के लिए कहा जाए, उसे वैसा ही करना चाहिए ताकि किसी को उनके बीच की जानकारी का पता न चले। गुनाहों का शहर - 3 Ravi द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 19.4k 2.7k Downloads 6.9k Views Writen by Ravi Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण सालों से चल रहे एक हाई प्रोफाइल चरस स्कैण्डल की जब नव-नियुक्त एस.आई ने जांच पड़ताल शुरू की तो सारे शहर की पुलिस उसके खिलाफ हो गई। लेकिन फिर पुरुषोत्तम अपने कर्तव्य का पालन करता रहा। नई वाली हिंदी का एक प्रयास पूर्ण उपन्यास। बड़े लेखक को पढ़कर उनकी तरह लिखना एक परंपरा है। यह ज़रूरी भी है। अन्यथा नए प्रयोग सिरे से खारिज कर दिए जाते है। प्रस्तुत उपन्यास के भाग में नई हिंदी, भाषा है। Novels गुनाहों का शहर सालों से चल रहे एक हाई प्रोफाइल चरस स्कैण्डल की जब नव-नियुक्त एस.आई ने जांच पड़ताल शुरू की तो सारे शहर की पुलिस उसके खिलाफ हो गई। लेकिन फिर पुरुषोत्तम... More Likes This I’m Not Fake, I’m Real - CHAPTER 1 द्वारा TEGICMATION किडनी का तोह्फ़ा - 1 द्वारा S Sinha वो आखिरी मुलाकात - 1 द्वारा veerraghawan Beyond the Pages - 1 द्वारा cat रूहों का सौदा - 1 द्वारा mamta लाल पत्थर का राज - भाग 1 द्वारा Anil singh जागती परछाई - 3 द्वारा Shivani Paswan अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी