यह कहानी एक पिता की है जो अपने बच्चों के साथ डिनर के समय प्रेम पर चर्चा सुनते हैं। उनकी बेटी अचानक पूछती है, "डैड क्या आपने भी कभी प्यार किया है?" इस सवाल पर पिता चौंक जाते हैं, लेकिन उनका बेटा जवाब देता है कि प्यार उनकी माँ से है। पिता मुस्कुराते हैं और टेरेस पर जाकर चाँद को देखते हैं, जिससे उन्हें अपने पहले प्यार की याद आती है। कहानी में पिता अपने बी.ए. के बाद सिविल सर्विसेज की तैयारी के लिए दिल्ली आते हैं और वहाँ एक कपड़ा व्यवसायी के घर किराए पर रहते हैं। व्यवसायी उनसे अपनी बेटी नीलम को पढ़ाने के लिए कहते हैं, हालाँकि पिता पढ़ाने के लिए इच्छुक नहीं होते लेकिन मजबूरीवश सहमति दे देते हैं। पहले दिन ही उन्हें पता चलता है कि नीलम पढ़ाई में रुचि नहीं रखती। कहानी में प्रेम, यादें, और युवा पीढ़ी के विचारों का सुंदर मिश्रण है। चाँद और वो Ashish Kumar Trivedi द्वारा हिंदी प्रेम कथाएँ 18.9k 1.8k Downloads 6.3k Views Writen by Ashish Kumar Trivedi Category प्रेम कथाएँ पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण एक सवाल ने किशोर को उसके पहले प्यार की याद दिला दी। वो प्यार जो उसने दिल की गहराई में दबा रखा था। आज अचानक चाँद में उसका चेहरा दिखाई दिया। वह अतीत में भटकने लगा। उसके बाद क्या हुआ जानमे के लिए पढ़ें। More Likes This अनकहा रिश्ता: दिल से दिल तक - भाग 1 द्वारा mahendr Kachariya पहला प्यार - 1 द्वारा ashwin गैंगस्टर का सनकी इश्क़ - 11 द्वारा Sanju सृष्टि - 1 द्वारा Radha कुड़ी मुंडा पट्टण नू फिरदी ए! - 1 द्वारा sukhvinder Singh Rai इंस्टेंट मिलियनेयर - 1 द्वारा aakash kumar अधूरी मोहब्बत - 1 द्वारा ashwin अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी