इस कहानी में दो व्यक्ति बातचीत कर रहे हैं। एक व्यक्ति अपनी सेहत के बारे में पूछता है, जबकि दूसरा यह बताता है कि उसे हमेशा कोई न कोई परेशानी रहती है। पहले व्यक्ति का कहना है कि बीमारियों से बचने के लिए सावधानी बरतनी चाहिए, और वह अपने रिश्तेदारों की चिंता करता है। दूसरे व्यक्ति का यह मानना है कि रिश्तेदार कभी-कभी परेशानी का कारण बनते हैं। वे इस बात पर चर्चा करते हैं कि अस्पताल जाने का कोई इरादा नहीं है और रिश्तेदारों के महत्व को लेकर एक-दूसरे के विचारों का आदान-प्रदान करते हैं। ख़ुशबू-दार तेल Saadat Hasan Manto द्वारा हिंदी लघुकथा 26.1k 6.1k Downloads 16.1k Views Writen by Saadat Hasan Manto Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण “आप का मिज़ाज अब कैसा है?” “ये तुम क्यों पूछ रही हो अच्छा भला हूँ मुझे क्या तकलीफ़ थी ” “तकलीफ़ तो आप को कभी नहीं हुई एक फ़क़त मैं हूँ जिस के साथ कोई न कोई तकलीफ़ या आरिज़ा चिमटा रहता है ” “ये तुम्हारी बद-एहतियातियों की वजह से होता है वर्ना आदमी को कम अज़ कम साल भर में दस महीने तो तंदरुस्त रहना चाहिए ” Novels मंटो की कहानियां मंटो अपने ज़माने के बदनाम लेखकों में से एक हैं जिन्हें सरकार और समाज दोनों ही पसंद नहीं करते थे| उसकी वजह थी उनकी सीधी सटीक बातें जो कहानियां कम और सवा... More Likes This मेरी जिंदगी का सफर 1 द्वारा Ankit Khatri अहमदाबाद के चर्चे द्वारा Devendra Kumar एक पुरुष—सबके बीच अकेला - 1 द्वारा Aloka Patel Anime - 2 द्वारा shifa आखिरी कोशिश - 1 द्वारा Subhan Khan कहाँ खो गया वह होशियार अजय - 1 द्वारा Anamika ठुकराईन नयना देवी - 3 द्वारा Vandna Sharma अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी