ज़ाहिद एक धार्मिक और समर्पित व्यक्ति था, जिसने युवा उम्र में शादी की। उसकी पत्नी बहुत सुंदर और प्यारी थी, और दोनों में गहरी मुहब्बत थी। एक साल बाद, उन्हें एक बेटी हुई, जो अपनी माँ पर गई थी। ज़ाहिद और उसकी पत्नी ने अपनी बेटी के लिए नाम चुनने में कठिनाई महसूस की। ज़ाहिद ने कहा कि जब कोई अच्छा नाम आएगा, तब रखेंगे, जबकि उसकी पत्नी चाहती थी कि नाम जल्दी रखा जाए। इस मुद्दे पर उनकी बातचीत में ज़ाहिद ने अपनी पत्नी की चिंताओं को समझने की कोशिश की, लेकिन वह अभी तक किसी नाम का चुनाव नहीं कर सका। ख़ुदकुशी Saadat Hasan Manto द्वारा हिंदी लघुकथा 33.7k 6.4k Downloads 23.5k Views Writen by Saadat Hasan Manto Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण ज़ाहिद सिर्फ़ नाम ही का ज़ाहिद नहीं था, उस के ज़ुहद-ओ-तक़वा के सब क़ाइल थे, उस ने बीस पच्चीस बरस की उम्र में शादी की, उस ज़माने में उस के पास दस हज़ार के क़रीब रुपय थे, शादी पर पाँच हज़ार सर्फ़ हो गए, उतनी ही रक़म बाक़ी रह गई। Novels मंटो की कहानियां मंटो अपने ज़माने के बदनाम लेखकों में से एक हैं जिन्हें सरकार और समाज दोनों ही पसंद नहीं करते थे| उसकी वजह थी उनकी सीधी सटीक बातें जो कहानियां कम और सवा... More Likes This मुक्त - भाग 14 द्वारा Neeraj Sharma पिता और अन्य कहानियाँ, भाग-1 द्वारा Anil Kundal Childhood Friends - Episode 3 द्वारा unknownauther सजा.....बिना कसूर की - 1 द्वारा Soni shakya प्रेरणास्पंदन - 2-3 द्वारा Bhupendra Kuldeep मंजिले - भाग 46 द्वारा Neeraj Sharma हमको ओढ़ावे चदरिया अब चलती बिरया द्वारा Devendra Kumar अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी