यह कहानी नीरज नाम के एक लड़के के बारे में है, जो दिसंबर की कड़ाके की ठंड में सुबह-सुबह अखबार बांटने निकलता है। वह अपने साइकिल पर मोहल्ले के लोगों के लिए अखबार लाता है और उन्हें उनके घरों में फेंकता है। एक दिन, जब वह एक पांच मंजिला घर के सामने अखबार फेंकता है, तो शीना नाम की लड़की उसे देखती है और उसकी सटीकता की तारीफ करती है। शीना नीरज से पूछती है कि उसे सर्दी नहीं लगती, तो नीरज भी उसी तरह सवाल करता है। बातचीत में पता चलता है कि नीरज शाम की पाली में स्कूल जाता है, जबकि शीना सुबह स्कूल जा रही है। दोनों के बीच हल्की-फुल्की मस्ती होती है, जिसमें नीरज अपने चेहरे को ढकने वाले कपड़े हटाता है और शीना उसे मुस्कुराते हुए देखती है। कहानी में नीरज की मेहनत और शीना के प्रति उसकी आकर्षण को दर्शाया गया है, साथ ही सर्दी में काम करने की कठिनाईयों का भी उल्लेख है। अखबार वाला लड़का Ved Prakash Tyagi द्वारा हिंदी लघुकथा 56.8k 2.7k Downloads 16.6k Views Writen by Ved Prakash Tyagi Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण अगले दिन शीना नीरज को सारी बात बताती है और मंदिर चलने के लिए कहती है। पुजारी शीना को हिन्दी से मुसलमान बनाने के लिए मना कर देता है, तब शीना की पुजारी से बहस हो जाती है। More Likes This उड़ान (1) द्वारा Asfal Ashok नौकरी द्वारा S Sinha रागिनी से राघवी (भाग 1) द्वारा Asfal Ashok अभिनेता मुन्नन द्वारा Devendra Kumar यादो की सहेलगाह - रंजन कुमार देसाई (1) द्वारा Ramesh Desai मां... हमारे अस्तित्व की पहचान - 3 द्वारा Soni shakya शनिवार की शपथ द्वारा Dhaval Chauhan अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी