सत्य हरिश्चन्द्र - 2 Bhartendu Harishchandra द्वारा लघुकथा में हिंदी पीडीएफ

सत्य हरिश्चन्द्र - 2

Bhartendu Harishchandra मातृभारती सत्यापित द्वारा हिंदी लघुकथा

स्थान राजा हरिश्चन्द्र का राजभवन। रानी शैव्या1 बैठी हैं और एक सहेली2 बगल में खड़ी है। रा. : अरी? आज मैंने ऐसे बुरे-बुरे सपने देखे हैं कि जब से सो के उठी हूं कलेजा कांप रहा है। भगवान् कुसल करे। स. : महाराज के ...और पढ़े

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