इस कहानी में एक योगी राजा और बेताल के बीच की बातचीत का वर्णन है। योगी राजा को देखकर प्रसन्न होता है और राजा की प्रशंसा करता है। वह एक मुर्दे को स्नान कराकर उसकी पूजा करता है और राजा को उसे प्रणाम करने के लिए कहता है। राजा गर्व से कहता है कि वह सिर नहीं झुकाएगा। जब योगी सिर झुकाता है, राजा उसे मार देता है। बेताल खुश होता है और राजा को विद्याधरों का स्वामी बनाने का वादा करता है। राजा अपनी इच्छा व्यक्त करता है कि बेताल की सुनाई गई कहानियाँ प्रसिद्ध हों। बेताल वादा करता है कि ये कथाएँ ‘बेताल-पच्चीसी’ के नाम से जानी जाएँगी। इसके बाद बेताल चला जाता है और शिवाजी प्रकट होते हैं, जो राजा को उसके साहस के लिए सराहते हैं और उसे समस्त पृथ्वी पर राज करने का आशीर्वाद देते हैं। राजा अंततः सम्राट बन जाता है और भगवान में समा जाता है। बेताल पच्चीसी - 25 Somadeva द्वारा हिंदी लघुकथा 53.8k 8.5k Downloads 24.3k Views Writen by Somadeva Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण योगी राजा को और मुर्दे को देखकर बहुत प्रसन्न हुआ। बोला, हे राजन्! तुमने यह कठिन काम करके मेरे साथ बड़ा उपकार किया है। तुम सचमुच सारे राजाओं में श्रेष्ठ हो। इतना कहकर उसने मुर्दे को उसके कंधे से उतार लिया और उसे स्नान कराकर फूलों की मालाओं से सजाकर रख दिया। फिर मंत्र-बल से बेताल का आवाहन करके उसकी पूजा की। पूजा के बाद उसने राजा से कहा, हे राजन्! तुम शीश झुकाकर इसे प्रणाम करो। राजा को बेताल की बात याद आ गयी। उसने कहा, मैं राजा हूँ, मैंने कभी किसी को सिर नहीं झुकाया। आप पहले सिर झुकाकर बता दीजिए। योगी ने जैसे ही सिर झुकाया, राजा ने तलवार से उसका सिर काट दिया। बेताल बड़ा खुश हुआ। बोला, राजन्, यह योगी विद्याधरों का स्वामी बनना चाहता था। अब तुम बनोगे। मैंने तुम्हें बहुत हैरान किया है। तुम जो चाहो सो माँग लो। Novels बेताल पच्चीसी बहुत पुरानी बात है। धारा नगरी मे ने उसे मार डाला और स्वयं राजा बन बैठा। उसका राज्य दिनोंदिन बढ़ता गया और वह सारे जम्बूद्वीप का राजा बन बैठा। एक दिन उस... More Likes This अभिनेता मुन्नन द्वारा Devendra Kumar चुन्नू और मुन्नू - एक खट्टी-मीठी दोस्ती ( भाग -1) द्वारा Vishakha Pareek जग्गू - द डिटैक्टिव - 1 द्वारा Rakesh Kumar Sharma आज्ञा द्वारा Rajeev kumar पता बताते दिन द्वारा महेश रौतेला तुम हो तो सब कुछ है - भाग 1 द्वारा Ankit Khatri मेरी जिंदगी का सफर 1 द्वारा Ankit Khatri अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी