इस कहानी का शीर्षक "बेताल पच्चीसी" है और यह सोमदेव द्वारा रचित है। कहानी की पृष्ठभूमि वक्रोलक नामक नगर में है, जहाँ सूर्यप्रभ नाम का राजा शासन करता है, लेकिन उसके कोई संतान नहीं है। धनपाल नामक एक साहूकार की पत्नी हिरण्यवती और उसकी बेटी धनवती एक कठिनाई में हैं, क्योंकि धनपाल की मृत्यु के बाद उनके रिश्तेदारों ने उनका धन ले लिया। एक रात, हिरण्यवती को एक सूली पर लटकते चोर से मिलती है, जो उसे एक हजार अशर्फियाँ देने का प्रस्ताव देता है यदि वह अपनी बेटी का विवाह उससे कर दे। चोर का कहना है कि उसके बिना संतान के उसे सदगति नहीं मिलेगी। लोभ में आकर हिरण्यवती इस प्रस्ताव को मान लेती है और धनवती का विवाह चोर के साथ कर देती है। चोर अपनी मृत्यु से पहले हिरण्यवती को एक बड़ के पेड़ के नीचे अशर्फियाँ गड़ने की जानकारी देता है। चोर मर जाता है, और हिरण्यवती अशर्फियाँ लेकर अपने नगर लौट जाती है। वहाँ, वसुदत्त नाम के गुरु के शिष्य मनस्वामी की कहानी है, जो एक वेश्या से प्रेम करता है। धनवती मनस्वामी को पसंद करने लगती है और हिरण्यवती उसे पाँच सौ अशर्फियाँ देती है ताकि वह धनवती के साथ एक रात बिता सके। इसके बाद, धनवती एक पुत्र को जन्म देती है। शिवाजी, जो एक दिव्य शक्ति हैं, सपने में माँ-बेटी को मार्गदर्शन करते हैं कि वे अपने पुत्र को हजार अशर्फियों के साथ राजा के महल के दरवाजे पर रख दें। कहानी इस प्रकार प्रेम, लालच, और दिव्य हस्तक्षेप के तत्वों के चारों ओर घूमती है। बेताल पच्चीसी - 19 Somadeva द्वारा हिंदी लघुकथा 10.9k 4.5k Downloads 12.4k Views Writen by Somadeva Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण वक्रोलक नामक नगर में सूर्यप्रभ नाम का राजा राज करता था। उसके कोई सन्तान न थी। उसी समय में एक दूसरी नगरी में धनपाल नाम का एक साहूकार रहता था। उसकी स्त्री का नाम हिरण्यवती था और उसके धनवती नाम की एक पुत्री थी। जब धनवती बड़ी हुई तो धनपाल मर गया और उसके नाते-रिश्तेदारों ने उसका धन ले लिया। हिरण्यवती अपनी लड़की को लेकर रात के समय नगर छोड़कर चल दी। रास्ते में उसे एक चोर सूली पर लटकता हुआ मिला। वह मरा नहीं था। उसने हिरण्यवती को देखकर अपना परिचय दिया और कहा, मैं तुम्हें एक हज़ार अशर्फियाँ दूँगा। तुम अपनी लड़की का ब्याह मेरे साथ कर दो। Novels बेताल पच्चीसी बहुत पुरानी बात है। धारा नगरी मे ने उसे मार डाला और स्वयं राजा बन बैठा। उसका राज्य दिनोंदिन बढ़ता गया और वह सारे जम्बूद्वीप का राजा बन बैठा। एक दिन उस... More Likes This खामोश बेटी - 1 द्वारा blue sky and purple ocean मुक्त - भाग 14 द्वारा Neeraj Sharma पिता और अन्य कहानियाँ, भाग-1 द्वारा Anil Kundal Childhood Friends - Episode 3 द्वारा unknownauther सजा.....बिना कसूर की - 1 द्वारा Soni shakya प्रेरणास्पंदन - 2-3 द्वारा Bhupendra Kuldeep मंजिले - भाग 46 द्वारा Neeraj Sharma अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी