इस कहानी में यशकेतु नामक एक राजा का वर्णन है, जिसकी विलासिता ने उसे अपने राज्य के कार्यों से दूर कर दिया। उसका चतुर दीवान इस स्थिति से दुखी होकर तीर्थ यात्रा पर निकलता है। रास्ते में, वह निछिदत्त नामक एक व्यापारी से मिलता है और सुवर्णद्वीप में व्यापार करने के लिए उसके साथ हो जाता है। सुवर्णद्वीप से लौटते समय, दीवान एक कल्पवृक्ष और उस पर बैठी एक वीणा बजाती कन्या को देखता है, जो अचानक गायब हो जाती है। दीवान राजा को यह कहानी सुनाता है, और राजा उस कन्या को पाने के लिए तपस्वी का भेष धारण कर वहाँ जाता है। वह कन्या, जिसका नाम मृगांकवती है, राजा के साथ विवाह कर लेती है, लेकिन एक शर्त रखती है कि वह हर महीने के खास दिनों पर कहीं जाएगी और राजा उसे नहीं रोकेगा। एक दिन, जब मृगांकवती जाती है, एक राक्षस उसे निगल लेता है। राजा गुस्से में आकर राक्षस का सिर काट देता है और मृगांकवती जीवित निकल आती है। कन्या बताती है कि वह अपने पिता के लिए पूजा करने आती थी, और वह बिना भोजन किए नहीं रह सकता था। इस प्रकार, कहानी एक रोमांचक मोड़ लेती है और राजा एवं मृगांकवती की प्रेम कहानी को आगे बढ़ाती है। बेताल पच्चीसी - 12 Somadeva द्वारा हिंदी लघुकथा 7.7k 4.5k Downloads 9.5k Views Writen by Somadeva Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण किसी ज़माने में अंगदेश मे यशकेतु नाम का राजा था। उसके दीर्घदर्शी नाम का बड़ा ही चतुर दीवान था। राजा बड़ा विलासी था। राज्य का सारा बोझ दीवान पर डालकर वह भोग में पड़ गया। दीवान को बहुत दु:ख हुआ। उसने देखा कि राजा के साथ सब जगह उसकी निन्दा होती है। इसलिए वह तीरथ का बहाना करके चल पड़ा। चलते-चलते रास्ते में उसे एक शिव-मन्दिर मिला। उसी समय निछिदत्त नाम का एक सौदागर वहाँ आया और दीवान के पूछने पर उसने बताया कि वह सुवर्णद्वीप में व्यापार करने जा रहा है। दीवान भी उसके साथ हो लिया। Novels बेताल पच्चीसी बहुत पुरानी बात है। धारा नगरी मे ने उसे मार डाला और स्वयं राजा बन बैठा। उसका राज्य दिनोंदिन बढ़ता गया और वह सारे जम्बूद्वीप का राजा बन बैठा। एक दिन उस... More Likes This उड़ान (1) द्वारा Asfal Ashok नौकरी द्वारा S Sinha रागिनी से राघवी (भाग 1) द्वारा Asfal Ashok अभिनेता मुन्नन द्वारा Devendra Kumar यादो की सहेलगाह - रंजन कुमार देसाई (1) द्वारा Ramesh Desai मां... हमारे अस्तित्व की पहचान - 3 द्वारा Soni shakya शनिवार की शपथ द्वारा Dhaval Chauhan अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी