गाँव में भीष्म एक पागल को देखता है, जो ईंट फेंककर बच्चों को घायल कर चुका है। उसके दोस्त हितेन उसे बचाता है और बताता है कि पागल दीपे है, जो पहले एक पहलवान था लेकिन अब अपनी गलतियों का फल भोग रहा है। भीष्म को यह जानकर आश्चर्य होता है कि दीपे इतनी बुरी हालत में कैसे पहुँच गया। हितेन उसे घर चलने और आराम करने की सलाह देता है। शाम को हितेन खेत से लौटकर भीष्म के साथ खाना खाने की तैयारी करता है। छुटकारा Ved Prakash Tyagi द्वारा हिंदी लघुकथा 67.3k 2.1k Downloads 6.9k Views Writen by Ved Prakash Tyagi Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण राजे तुरंत वहीं गन्ने के खेत में जहां से दीपे बाहर आ रहा था, जैसे ही घुसा तो देखकर हैरान रह गया। मंशा के सभी वस्त्र अस्त व्यस्त थे उसके जिस्म पर चोटों के निशान थे, राजे ने उसकी नब्ज़ और सांस देखी तो वह मर चुकी थी। More Likes This अहमदाबाद के चर्चे द्वारा Devendra Kumar एक पुरुष—सबके बीच अकेला - 1 द्वारा Aloka Patel Anime - 2 द्वारा shifa आखिरी कोशिश - 1 द्वारा Subhan Khan कहाँ खो गया वह होशियार अजय - 1 द्वारा Anamika ठुकराईन नयना देवी - 3 द्वारा Vandna Sharma लोकतंत्र की ज़मीनी सच्चाई - 1 द्वारा Std Maurya अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी