**रूस के पत्र** - रवींद्रनाथ टैगोर इस अध्याय में, टैगोर ने विज्ञान की शिक्षा के महत्व पर जोर दिया है, जिसमें उन्होंने बताया कि केवल पुस्तकों से पढ़ाई करने से ज्ञान का एक बड़ा हिस्सा बेकार हो जाता है। उन्होंने रूस के म्यूजियमों का उल्लेख किया है, जो लोगों को विभिन्न विषयों में प्रत्यक्ष ज्ञान प्रदान करते हैं। टैगोर ने भ्रमण को शिक्षा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना है, खासकर भारत जैसे बड़े और विविधता वाले देश में। उनका मानना है कि छात्रों को भारत का अनुभव करने के लिए पूरे देश का भ्रमण कराना चाहिए, जिससे उनकी शिक्षा और ज्ञान में वृद्धि होगी। उन्होंने यह भी कहा कि स्थिर विद्यालयों में पढ़ाई करने से मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए, किताबों के साथ-साथ प्रकृति में घूमकर शिक्षा प्राप्त करना आवश्यक है। सोवियत रूस में, टैगोर ने देखा कि सामान्य जनता के लिए देश भ्रमण की सुविधाएँ बढ़ रही हैं, जो पहले केवल धनाढ्यों के लिए संभव था। अब, सोवियत सरकार ने श्रमिकों के स्वास्थ्य और थकान को दूर करने के लिए स्वास्थ्य निवास स्थापित किए हैं, जिससे सभी वर्गों के लोगों को लाभ मिल रहा है। रूस के पत्र - 10 Rabindranath Tagore द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 2.6k Downloads 7.6k Views Writen by Rabindranath Tagore Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण विज्ञान की शिक्षा में पुस्तक पढ़ने के साथ आँखों से देखने का योग रहना चाहिए, नहीं तो उस शिक्षा का तीन-चौथाई हिस्सा बेकार चला जाता है। सिर्फ विज्ञान ही क्यों, अधिकांश शिक्षाओं पर यही बात लागू होती है। रूस में विविध विषयों के म्यूजियमों द्वारा उस शिक्षा में सहायता दी जाती है। ये म्यूजियम सिर्फ बड़े-बड़े शहरों में ही नहीं, बल्कि हर प्रांत में छोटे-छोटे देहातों तक के लोगों को प्रत्यक्ष ज्ञान कराते हैं। Novels रूस के पत्र सोवियत शासन के प्रथम परिचय ने मेरे मन को खास तौर से आकर्षित किया है, यह मैं पहले ही कह चुका हूँ। इसके कई विशेष कारण हैं और वे आलोचना के योग्य हैं। रू... More Likes This THE PIANO MEN - 1 द्वारा rajan चिट्ठी का इंतजार - भाग 1 द्वारा Deepak Bundela Arymoulik उजाले की राह द्वारा Mayank Bhatnagar Operation Mirror - 3 द्वारा bhagwat singh naruka DARK RVENGE OF BODYGARD - 1 द्वारा Anipayadav वाह साहब ! - 1 द्वारा Yogesh patil मेनका - भाग 1 द्वारा Raj Phulware अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी