रवींद्रनाथ टैगोर की "रूस के पत्र" के इस अध्याय में, लेखक रूस की यात्रा के अनुभवों को साझा करते हैं। वे बताते हैं कि अन्य देशों की तुलना में रूस ने उन्हें एक गहरी और हार्दिक एकता का अनुभव कराया। टैगोर का मानना है कि रूस में सभी कार्य एक ही उद्देश्य के तहत एकत्रित हैं, जबकि अन्य देशों में गतिविधियाँ व्यक्तिगत स्वार्थों में बंटी हुई हैं। उन्होंने उपनिषद की शिक्षाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि व्यक्तिगत लोभ समग्र सत्य की उपलब्धि में बाधा डालता है। रूस के लोग एक अद्वितीय मानव सत्य का अनुभव कर रहे हैं, जिसमें सभी मिलकर साधारण मानवता का भोग करते हैं। टैगोर यह भी बताते हैं कि यूरोप में आर्थिक साधन और लाभ का अध्यवसाय व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए होता है, जिससे समाज में विषमता और संघर्ष बढ़ता है। उन्होंने सोवियत रूस के दृष्टिकोण को बताया, जिसमें मानवता की एकता और भोग की माया को समझने का प्रयास किया जा रहा है। इस प्रकार, टैगोर रूस के सामाजिक और आर्थिक सिद्धांतों की सराहना करते हैं और व्यक्तिगत स्वार्थों की तुलना में सामूहिक हित को प्राथमिकता देने की आवश्यकता को उजागर करते हैं। रूस के पत्र - 7 Rabindranath Tagore द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 1.5k 3.2k Downloads 8k Views Writen by Rabindranath Tagore Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण रूस से लौट कर आज फिर जा रहा हूँ अमेरिका के घाट पर। किंतु रूस की स्मृति आज भी मेरे संपूर्ण मन पर अधिकार किए हुए है। इसका प्रधान कारण यह है कि और-और जिन देशों में घूमा हूँ, वहाँ के समाज ने समग्र रूप से मेरे मन को हिलाया नहीं। उनमें अनेक कार्यों का उद्यम है, पर अपनी-अपनी सीमा के भीतर। कहीं पॉलिटेकनीक्स है तो कहीं अस्पताल, कहीं विश्वविद्यालय है तो कहीं म्यूजियम। विशेषज्ञ अपने-अपने क्षेत्र में ही मशगूल हैं, मगर यहाँ सारा देश एक ही अभिप्राय को ले कर समस्त कार्य-विभागों को एक ही स्नायुजाल में बाँध कर एक विराट रूप धारण किए हुए है। सब-कुछ एक अखंड तपस्या में आ कर मिल गया है। Novels रूस के पत्र सोवियत शासन के प्रथम परिचय ने मेरे मन को खास तौर से आकर्षित किया है, यह मैं पहले ही कह चुका हूँ। इसके कई विशेष कारण हैं और वे आलोचना के योग्य हैं। रू... More Likes This सुनहरा फलक - 1 द्वारा Digvijay Singh Rathore खलनायिका के रूप में पुनर्जन्म - 1 द्वारा Fictional world THE UNTOLD CHAPTER - 1 द्वारा Neha Banchhor कुरिवाज की केद से सपनों की उड़ान तक - 1 द्वारा miss k त्रिवेणी: एक आदर्श बहू से बेकार बहू बनने तक का सफर - 1 द्वारा Triveni chakrdhari अनाथ - अध्याय 1 द्वारा Dev Kumar Rawat गायब - एक रात की कहानी - 1 द्वारा Patel Lay अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी