रवींद्रनाथ टैगोर के "रूस के पत्र" में लेखक ने रूस की यात्रा के अनुभवों को साझा किया है। उन्होंने रूस में शिक्षा के प्रभाव को देखा, जहां केवल आठ वर्षों में शिक्षा ने लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाए हैं। जो लोग पहले मूक और दुर्बल थे, अब उनमें आत्मशक्ति जागृत हो गई है और वे समानता के अधिकारों की ओर बढ़ रहे हैं। टैगोर ने रूस में शिक्षा, कृषि और यंत्र के महत्व का वर्णन किया और बताया कि कैसे ये तत्व समाज की प्रगति के लिए आवश्यक हैं। उन्होंने भारतीय कृषि की स्थिति की तुलना की और बताया कि यहाँ के किसान अभी भी पुरानी प्रथाओं पर निर्भर हैं, जबकि रूस में आधुनिक हल यंत्रों के उपयोग ने कृषि को सशक्त बनाया है। टैगोर ने बलराम और कृष्ण के संदर्भ में यंत्रों की शक्ति का उल्लेख किया और बताया कि केवल यंत्रों के द्वारा ही नहीं, बल्कि उनके संचालकों की मानसिकता के साथ ही कृषि में विकास संभव है। उन्होंने शिक्षा के महत्व को रेखांकित किया और कहा कि यह जीवन यात्रा का अभिन्न हिस्सा है। रूस के पत्र - 6 Rabindranath Tagore द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 636 2.5k Downloads 9.9k Views Writen by Rabindranath Tagore Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण रूस घूम आया, अब अमेरिका की ओर जा रहा हूँ, इतने में तुम्हारी चिट्ठी मिली। रूस गया था, उनकी शिक्षा पद्धति देखने के लिए। देख कर बड़ा आश्चर्य हुआ। आठ ही वर्ष के अंदर शिक्षा के जोर से लोगों के मन का चेहरा बदल गया है। जो मूक थे उन्हें भाषा मिल गई है, जो मूढ़ थे, उनके मन पर से पर्दा हट गया है, जो दुर्बल थे, उनमें आत्मशक्ति जाग्रत हो गई है, जो अपमान के नीचे दबे हुए थे, आज वे समाज की अंध कोठरी में से निकल कर सबके साथ समान आसन के अधिकारी हो गए हैं। इतने ज्यादा आदमियों का इतनी तेजी से ऐसा भावांतर हो जाएगा, इस बात की कल्पना करना कठिन है। जमाने से सूखी पड़ी हुई नदी में शिक्षा की बाढ़ आई है, देख कर मन पुलकित हो जाता है। देश में इस छोर से ले कर उस छोर तक सर्वत्र जाग्रति है। Novels रूस के पत्र सोवियत शासन के प्रथम परिचय ने मेरे मन को खास तौर से आकर्षित किया है, यह मैं पहले ही कह चुका हूँ। इसके कई विशेष कारण हैं और वे आलोचना के योग्य हैं। रू... More Likes This उजाले की राह द्वारा Mayank Bhatnagar Operation Mirror - 3 द्वारा bhagwat singh naruka DARK RVENGE OF BODYGARD - 1 द्वारा Anipayadav वाह साहब ! - 1 द्वारा Yogesh patil मेनका - भाग 1 द्वारा Raj Phulware बेवफाई की सजा - 1 द्वारा S Sinha RAJA KI AATMA - 1 द्वारा NOMAN अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी