रवींद्रनाथ टैगोर की कहानी "रूस के पत्र" के इस अध्याय में, लेखक ने सोवियत व्यवस्था के संदर्भ में दो चिट्ठियाँ लिखी थीं, जिनका उत्तर मिलने की संभावना अनिश्चित है। बर्लिन में उन्हें अपने मित्र की दो चिट्ठियाँ मिलती हैं, जो प्राकृतिक सौंदर्य का वर्णन करती हैं, लेकिन लेखक का मन किसानों के कष्टों में डूबा हुआ है। लेखक ने अपने यौवन में बंगाल के किसानों के साथ निकटता से रहकर उनके दुखों को महसूस किया है। वे समझते हैं कि समाज के अंधेरे कोनों में किसान कितने असहाय हैं, और राजनीतिक नेताओं का ध्यान इस ओर नहीं है। उन्होंने पबना कान्फ्रेंस में एक नेता से कहा था कि राष्ट्रीय उन्नति के लिए किसानों को मानव समझना और उनकी जरूरतों का ध्यान रखना आवश्यक है, लेकिन इस बात को हल्के में लिया गया। लेखक का मानना है कि स्वायत्त शासन का आंदोलन ग्रामीण क्षेत्रों में शुरू होना चाहिए। उन्होंने अपने विचारों को व्यक्त करने की कोशिश की, लेकिन जब कोई समझ नहीं पाया, तो उन्होंने खुद को इस काम में जुटने का संकल्प लिया। इस प्रकार, कहानी में लेखक की चिंताएँ और समाज के प्रति उनके दायित्व का बोध उभरता है। रूस के पत्र - 4 Rabindranath Tagore द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 1.2k 3.6k Downloads 9.7k Views Writen by Rabindranath Tagore Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण मॉस्को से सोवियत व्यवस्था के बारे में दो बड़ी-बड़ी चिट्ठियाँ लिखी थीं। वे कब मिलेंगी और मिलेंगी भी या नहीं, मालूम नहीं। बर्लिन आ कर एक साथ तुम्हारी दो चिट्ठियाँ मिलीं। घोर वर्षा की चिट्ठी है ये, शांति निकेतन के आकाश में शाल वन के ऊपर मेघ की छाया और जल की धारा में सावन हिलोरें ले रहा है -- यह चित्र मानसपट पर खिंचते ही मेरा चित्त कैसा उत्सुक हो उठता है, तुमसे तो कहना फिजूल है। Novels रूस के पत्र सोवियत शासन के प्रथम परिचय ने मेरे मन को खास तौर से आकर्षित किया है, यह मैं पहले ही कह चुका हूँ। इसके कई विशेष कारण हैं और वे आलोचना के योग्य हैं। रू... More Likes This Second Chance - 1 द्वारा wang pang माई डियर प्रोफेसर - भाग 21 द्वारा Vartika reena The Billionaire Werewolf's Obsession - 1 द्वारा Sipra Mohanty मेरा बच्चा... लौटा दो... द्वारा Wajid Husain प्रेम शाश्वतं, मृत्यु शाश्वतः - प्रलोग द्वारा Vartika reena Hero - 1 द्वारा Ram Make I am curse not Villainess - 1 द्वारा Sukh Preet अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी