इस अध्याय में हरिमोहिनी सुचरिता से पूछती हैं कि उसने रात का खाना क्यों नहीं खाया। सुचरिता को याद नहीं रहा कि उसने खाना नहीं खाया था। हरिमोहिनी यह महसूस करती हैं कि सुचरिता का रवैया परेशबाबू को पसंद नहीं आएगा। सुचरिता हरिमोहिनी की बातों से थोड़ा संकोच करती हैं, लेकिन फिर वह दृढ़ता से कहती हैं कि वह गोरा के साथ अपने संबंध को लेकर किसी से लज्जित नहीं होंगी। वह बताती हैं कि गोरा से हुई चर्चा के कारण वह खाना भूल गई थीं। हरिमोहिनी गोरा की बातें सुनने में रुचि नहीं रखतीं, क्योंकि उन्हें केवल भक्ति की बातें पसंद हैं, जबकि गोरा हमेशा एक विरोधी दृष्टिकोण से बात करता है। इस प्रकार, सुचरिता और हरिमोहिनी के बीच विचारों का टकराव और संबंधों की जटिलताएं सामने आती हैं। गोरा - 17 Rabindranath Tagore द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 2.7k 3.9k Downloads 10.7k Views Writen by Rabindranath Tagore Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण हरिमोहिनी ने पूछा, 'राधारानी, तुमने कल रात को कुछ खाया क्यों नहीं?' विस्मित होकर सुचरिता ने कहा, 'क्यों, खाया तो था।' हरिमोहिनी ने रात से ज्यों का त्यों ढँका रखा खाना दिखाते हुए कहा, 'कहाँ खाया? सब तो पड़ा हुआ है!' तब सुचरिता ने जाना कि रात खाना खाने का उसे ध्यान ही नहीं रहा। रूखे स्वर में हरिमोहिनी ने कहा, 'यह सब तो अच्छी बात नहीं है। मैं जहाँ तक तुम्हारे परेशबाबू को जानती हूँ, उससे तो मुझे नहीं लगता कि उन्हें इतना आगे बढ़ना पसंद होगा- उन्हें तो देखकर ही मन को शांति मिलती है। आजकल का तुम्हारा रवैय्या उन्हें पूरा मालूम होगा तो वह क्या कहेंगे भला?' Novels गोरा वर्षाराज श्रावण मास की सुबह है, बादल बरसकर छँट चुके थे, निखरी चटक धूप से कलकत्ता का आकाश चमक उठा है। सड़कों पर घोड़ा-गाड़ियाँ लगातार दौड़ रही हैं, फेर... More Likes This त्रिवेणी: एक आदर्श बहू से बेकार बहू बनने तक का सफर - 1 द्वारा Triveni chakrdhari अनाथ - अध्याय 1 द्वारा Dev Kumar Rawat गायब - एक रात की कहानी - 1 द्वारा Patel Lay Starseeds - Part 1 द्वारा vyomatara Oyy Mr. Vampire - 1 द्वारा kusum kumari बारह बरश का इंतज़ार - 2 द्वारा kusum kumari Second Chance - 1 द्वारा wang pang अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी