इस अध्याय में गोरा और विनय के बीच की दोस्ती और सामाजिक मान्यताओं का टकराव दिखाया गया है। सुबह, विनय गोरा से बताता है कि उसने परेशबाबू की लड़कियों को सर्कस दिखाया। गोरा पहले से इस बात को जानता है जो अविनाश ने उसे बताया था। विनय इस चर्चा से संकोचित होता है, क्योंकि सर्कस जाने की बात समाज में आम नहीं है। विनय अपनी भीरुता का सामना करते हुए गोरा और अविनाश पर गुस्सा करता है, यह सोचते हुए कि क्या उसे गोरा को अपनी निजी बातें बतानी होंगी। विनय की यह सोच उसे विद्रोह की ओर ले जाती है, क्योंकि वह महसूस करता है कि गोरा उसके अभिभावक नहीं हैं और वह स्वतंत्र है। अंत में, विनय अपनी भावनाओं में उलझा रहता है और गोरा को अपने संकोच का अपराधी ठहराने की कोशिश करता है। इस प्रकार, यह अध्याय दोस्ती, आत्म-सम्मान और सामाजिक दबाव के बीच के संघर्ष को दर्शाता है। गोरा - 7 Rabindranath Tagore द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 12.1k 5.7k Downloads 13.5k Views Writen by Rabindranath Tagore Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण सुबह गोरा कुछ काम कर रहा था। अचानक विनय ने आकर छूटते ही कहा, 'उस दिन परेशबाबू की लड़कियों को मैं सर्कस दिखाने ले गया था।' लिखते-लिखते गोरा ने कहा, 'मैंने सुना?' गोरा, 'अविनाश से। उस दिन वह भी सर्कस देखने गया था।' आगे कुछ न कहकर गोरा फिर लिखने में जुट गया। गोरा ने यह बात पहले ही सुन ली है और वह भी अविनाश से, जिसने नमक-मिर्च लगाकर कहने में कोई कसर नहीं रखी होगी विनय को इस बात से अपने पुराने संस्कार के कारण बड़ा संकोच हुआ। सर्कस जाने की बात की समाज में ऐसी आम चर्चा न हुई होती तभी अच्छा होता! Novels गोरा वर्षाराज श्रावण मास की सुबह है, बादल बरसकर छँट चुके थे, निखरी चटक धूप से कलकत्ता का आकाश चमक उठा है। सड़कों पर घोड़ा-गाड़ियाँ लगातार दौड़ रही हैं, फेर... More Likes This वो रात जब सब बदल गया - 1 द्वारा Ishaaa LAST STAGE - 1 द्वारा Muhib Khan K Pop मेरा पति - 1 द्वारा shreya उम्मीदों की छाँव - अध्याय 1 द्वारा mahendr Kachariya कोहरे का पुराना पुल और अंदर की आवाज - भाग 2 द्वारा Vishakha Pareek SHADOW'S WORLD - CHAPTER 1 द्वारा Ansul Fouzdar कालचक्रः धुंध में छुपा सच - 1 द्वारा Avinash अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी