अनुपमा एक ग्यारह वर्ष की लड़की है जिसने उपन्यास पढ़ने के कारण अपना मन पूरी तरह से बदल लिया है। वह अपने हृदय में प्रेम, सौंदर्य और तृष्णा को संचित समझती है और खुद को समझदारी में सबसे आगे मानती है। अनुपमा ने एक नए व्यक्ति को चुना है, जिसे वह अपना सहयोगी मानती है, लेकिन वह अपनी भावनाओं को व्यक्त नहीं कर पाती। इसके परिणामस्वरूप, वह प्रेम में दुखी हो जाती है और उसकी स्थिति बिगड़ने लगती है। वह अपने आस-पास की सुंदरता को भुलाकर केवल विरह का अनुभव करती है, जिससे उसकी शारीरिक और मानसिक स्थिति deteriorate होती है। उसकी माँ उसकी चिंता करती है, लेकिन अनुपमा की भावनाओं को समझने में असमर्थ है। अनुपमा की कहानी एक गहरी भावनात्मक स्थिति और प्रेम की जटिलता को दर्शाती है।
अनुपमा का प्रेम
Sarat Chandra Chattopadhyay
द्वारा
हिंदी लघुकथा
Four Stars
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विवरण
ग्यारह वर्ष की आयु से ही अनुपमा उपन्यास पढ़-पढ़कर मष्तिष्क को एकदम बिगाड़ बैठी थी। वह समझती थी, मनुष्य के हृदय में जितना प्रेम, जितनी माधुरी, जितनी शोभा, जितना सौंदर्य, जितनी तृष्णा है, सब छान-बीनकर, साफ कर उसने अपने मष्तिष्क के भीतर जमा कर रखी है। मनुष्य- स्वभाव, मनुष्य-चरित्र, उसका नख दर्पण हो गया है। संसार में उसके लिए सीखने योग्य वस्तु और कोई नही है, सबकुछ जान चुकी है, सब कुछ सीख चुकी है।
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