कहानी "पी कहाँ?" में एक विशाल और खूबसूरत अहाता का वर्णन है, जो कसबे से डेढ़ कोस की दूरी पर स्थित है। इस अहाते की ऊँची दीवारें और बड़े फाटक हैं, जहाँ पहुँचते ही हरी दूब का दमकता फर्श नजर आता है। चार कोनों पर फव्वारे हैं, जो दूब को सींचते हैं। अहाते के दूसरे फाटक से खुशबूदार फूलों की क्यारियाँ फैली हुई हैं, जिनमें लाल, पीले और सफेद फूल हैं। फाटक के पास दो संगमरमर के सिपाही खड़े हैं, जो सुरक्षा का काम करते हैं। भीतर, दाहिनी ओर दो हाथी हैं, जिनमें से एक विशाल और शक्तिशाली है, जबकि दूसरा छोटा है। हाथियों के पास बाईं ओर कई कटहरे हैं, जिनमें विभिन्न जानवर रखे गए हैं, जैसे शेर और भालू। आगे बढ़ने पर एक बड़ा तालाब दिखाई देता है, जो बाढ़ के समय समुद्र की तरह भर जाता है। यहाँ एक छोटी नाव और दो सुंदर बजरे भी हैं। इस तरह, कहानी एक भव्य और रंगीन दृश्य का चित्रण करती है, जिसमें प्रकृति, जीव-जंतु और मानव सुरक्षा का अद्भुत सामंजस्य है। पी कहाँ? - 2 Ratan Nath Sarshar द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 5.5k 3.6k Downloads 9k Views Writen by Ratan Nath Sarshar Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण कसबे से डेढ़ कोस के फासले पर एक बड़ा लंबा-चौड़ा अहाता है, दीवारें चौतरफा बहुत ऊँची-ऊँची। अहाते के बड़े फाटक के अंदर पहुँचते ही, दूर तक हरी-हरी दूब का, हीरे-सा दमकता हुआ फर्श नजर आता था, और सबके पहले इसी पर नजर पड़ती थी। और इसके चार कोनों पर चार फव्वारे छूटते थे, जिनके पानी से दूब सींची जाती और आँखों को तरावट होती थी। इस दूब के बहुत बड़े तख्ते से हो कर एक और फाटक था। मशहूर था कि सोमनाथ के मंदिर के फाटक के बाद हिंदुस्तान में यह दूसरे नंबर का फाटक है। इस फाटक से दूर तक खुशबूदार फूलों की क्यारियाँ थीं। लाल-लाल फूलों की क्यारियों में गुले-लाला खिला था। मालूम होता था कि फूलों की लाल कुर्तेवाली पलटन किसी पर धावा करने को लैस है। Novels पी कहाँ? पी कहाँ! पी कहाँ! पी कहाँ! पी कहाँ!; मंगल का दिन और अँधेरी रात, बरसात की रात। दो बज के सत्ताईस मिनट हो आए थे। तीन का अमल। सब आराम में। सोता संसार, जा... More Likes This जिनीयस - 1 द्वारा Vijay रंक से राजा: साहस और आत्मविश्वास का खेल - 3 द्वारा Jai कुत्रिम बुद्धिमता - 1 द्वारा Ramesh Desai The Legend Of Divyanshi - 1 द्वारा साहिल कैंथला अनकहा सच ( भाग - 1) द्वारा Vishakha Pareek कुदरत का कानून..- 2 द्वारा shilpi वो रात जब सब बदल गया - 1 द्वारा Ishaaa अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी