इस कहानी में मियाँ आजाद कासकों के साथ साइबेरिया जा रहे हैं। डैन्यूब नदी के किनारे पहुँचकर, वह खुश होकर हरी दूब पर लेट जाते हैं और हुस्नआरा की याद में गजल पढ़ते हैं। उनकी भावनाओं में डूबकर आँसू बहने लगते हैं। कासक लोग उन्हें समझाते हैं कि अब उन्हें अपनी आज़ादी की उम्मीद नहीं छोड़नी चाहिए। जब जहाज तैयार होता है, आजाद की आँखों से आँसू बहने लगते हैं और वह बेहोश हो जाते हैं। कासकों ने उन्हें सँभालने की कोशिश की। जहाज पर चढ़ते वक्त, आजाद सोचते हैं कि अब वह कभी लौट नहीं पाएंगे। कासक लोग रात एक बाग में ठहरते हैं, लेकिन सुबह होते ही आजाद का पता नहीं चलता। यह उनके लिए नई मुसीबत का सामना करने का संकेत है। आजाद-कथा - खंड 2 - 75 Munshi Premchand द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 2.7k Downloads 7.4k Views Writen by Munshi Premchand Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण मियाँ आजाद कासकों के साथ साइबेरिया चले जा रहे थे। कई दिन के बाद वह डैन्यूब नदी के किनारे जा पहुँचे। वहाँ उनकी तबीयत इतनी खुश हुई कि हरी-हरी दूब पर लेट गए और बड़ी हसरत से यह गजल पढ़ने लगे - Novels आजाद-कथा - खंड 2 मियाँ शहसवार का दिल दुनिया से तो गिर गया था, मगर जोगिन की उठती जवानी देख कर धुन समाई कि इसको निकाह में लावें। उधर जोगिन ने ठान ली थी कि उम्र भर शादी न... More Likes This Beyond the Pages - 1 द्वारा cat रूहों का सौदा - 1 द्वारा mamta लाल पत्थर का राज - भाग 1 द्वारा Anil singh जागती परछाई - 3 द्वारा Shivani Paswan विलनेस का पुनर्जन्म अब बदला होगा - 1 द्वारा KahaniCraft वासना दैत्य ही वासना देव है! - 1 द्वारा Krayunastra THE PIANO MEN - 1 द्वारा rajan अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी