धन्ना सेठ नए हीरों को परखने में लगे थे, लेकिन उन्हें एक हीरा संदिग्ध लगा। तभी रज्जू दौड़ता हुआ आया और बताया कि संजू बुखार में तप रहा है। धन्ना सेठ को चिंता नहीं थी कि संजू बीमार है, बल्कि उन्हें चिंता थी कि दुकान को कामगारों के भरोसे छोड़कर नहीं जा सकते। उन्हें अपनी दुकान और माल की सुरक्षा की ज्यादा फिक्र थी। संजू की बीमारी उनके लिए कोई नई बात नहीं थी, लेकिन वे दुकान को सुरक्षित रखकर ही घर लौट सकते थे। मन का मनका फेर Neetu Singh Renuka द्वारा हिंदी लघुकथा 6.6k 4.4k Downloads 13.8k Views Writen by Neetu Singh Renuka Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण धन्ना सेठ हद के कंजूस हैं। उनका इकलौता बेटा सख़्त बीमार पड़ता है तो एक पीर बाबा का कहते हैं कि उसे गरीबों को भोजन कराना होगा। मगर धन्ना सेठ अपनी कंजूसी के चलते..... More Likes This पढ़ाकू द्वारा Vandna Sharma कोन्निचिवा: माय देसी लव - 1 द्वारा Kajal Soam किराए का घर द्वारा Vandna Sharma First Love - 1 द्वारा Sah Ankita जिस जीवन में तुम थे - 2 द्वारा SHREYA INDUSHREE तुम्हें भी तो याद आती होगी - 1 द्वारा Anil Kundal मेरा साहित्य लेखन द्वारा Rakesh Kumar Sharma अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी