जयप्रकाश नारायण, भारतीय लोकतंत्र के महाप्रणेताओं में से एक, का जन्म 11 अक्टूबर 1902 को बिहार के सारन जिले के सिताबदियारा गांव में हुआ। उनका जन्म उस समय हुआ जब भारत ब्रिटिश शासन के अधीन था। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा बिहार में प्राप्त की और 1922 में उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका गए, जहां वे मार्क्स के समाजवाद से प्रभावित हुए। स्वदेश लौटने के बाद, उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में भाग लिया और 1932 में गांधी और नेहरू सहित अन्य नेताओं के साथ जेल गए। जेल में उन्होंने कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी की स्थापना की, जो समाजवाद में विश्वास करती थी। 1939 में, उन्होंने अंग्रेजी सरकार के खिलाफ लोक आंदोलन का नेतृत्व किया और कई बार जेल गए। आजादी के बाद, नारायण ने 1954 में विनोबा भावे के सर्वोदय आंदोलन के लिए अपना जीवन समर्पित किया। 1974 में, उन्होंने बिहार में किसान आंदोलन का नेतृत्व किया और तत्कालीन सरकार के इस्तीफे की मांग की। वे इंदिरा गांधी के शासन के खिलाफ थे और 1975 में लगे आपातकाल के दौरान विपक्षी नेताओं को जेल में डालने के खिलाफ आवाज उठाई। उनका जीवन परिवर्तन और सामाजिक न्याय के लिए संघर्ष का प्रतीक बना। परिवर्तन के लोकनायक - जयप्रकाश नारायण Mrityunjaya Dikshit द्वारा हिंदी जीवनी 9.6k 4.5k Downloads 22.6k Views Writen by Mrityunjaya Dikshit Category जीवनी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण 11 vDVwcj ij fo”ks’k%& IfjorZu ds yksduk;d t;izdk”k ukjk;.k E`kR;qat; nhf{kr Hkkjrh; ykdra= ds egkiuuk;d t;izdk”k ukjk;.k dk tUe 11 vDVwcj 1902dks fcgkj ds lkju ftys ds flrkcfn;kjk xkao esaa gqvk FkkA mudk tUe ,d ,sls le; esa gqvk Fkk tc fons”kh lRrk ds vk/khu Fkk vkSj Lora=rk ds fy, NViVk jgk FkkA mudh izkjfEHkd f”k{kk lkju vkSj iVuk ftys esa gqbZ Fkh A os fo|kFkhZ thou ls gh Lora=rk ds iszeh Fks tc iVuk esa mUgksusa us fcgkj fo|kihB eas mPp f”k{kk ds fy, izos”k fy;k rHkh ls os Lora=rk laxzke esa Hkkx ysus yx x;s FksA rRdkyhu fcgkj More Likes This मेरे हिस्से की ज़िंदगी - अध्याय 2 द्वारा sapna पहला फ़ोन द्वारा Kajal Soam खण्ड - 02 महाराणा: सहस्त्र वर्षों का धर्मयुद्ध - भाग 3 द्वारा Hind Gaurav खण्ड - 01 महाराणा सहस्त्र वर्षों का धर्मयुद्ध - 1.. बाप्पा रावल : मेवाड़ के संस्थापक राजा द्वारा Hind Gaurav सम्राट अशोक : तलवार, युद्ध और धर्म - 1 द्वारा Rishav raj मैं दादा-दादी की लाड़ली - 1 द्वारा sapna यादो की सहेलगाह - रंजन कुमार देसाई (2) द्वारा Ramesh Desai अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी