रामलुभाया एक ऐसा आदमी है जो अपने शहर में 'कमाल का आदमी' के नाम से जाना जाता है। वह अक्सर मंत्री और अफसरों के घरों में मिठाई और बुके लेकर जाता है। लोग ये सोचते हैं कि वह आखिर क्या चाहता है, क्योंकि वह बिना किसी स्वार्थ के इन उपहारों को भेंट करता है। एक दिन, रामलुभाया एक मंत्री के घर बुके और मिठाई लेकर गया। मंत्री ने उसे खुशी से स्वीकार किया और उसके लिए नाश्ते का आदेश दिया। मंत्री और रामलुभाया के बीच बातचीत होती है जिसमें रामलुभाया अपनी बात को सीधे नहीं कहता, बल्कि इशारों में बात करता है। मंत्री उसकी चतुराई और उपहारों की तारीफ करते हैं, जबकि रामलुभाया हमेशा यही कहता है कि सब कुछ मंत्री की कृपा है। कहानी में यह दिखाया गया है कि कैसे रामलुभाया अपने काम को चतुराई से करता है और महत्वपूर्ण लोगों के साथ संबंध बना लेता है। बुकेवाले रामलुभाया Girish Pankaj द्वारा हिंदी लघुकथा 717 1.5k Downloads 4.4k Views Writen by Girish Pankaj Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण Bookeywala Ramlubhaya More Likes This प्रतिघात: दिल्ली की वो शाम - 2 द्वारा Abantika हिकमत और कमाई द्वारा Devendra Kumar उड़ान (1) द्वारा Asfal Ashok नौकरी द्वारा S Sinha रागिनी से राघवी (भाग 1) द्वारा Asfal Ashok अभिनेता मुन्नन द्वारा Devendra Kumar यादो की सहेलगाह - रंजन कुमार देसाई (1) द्वारा Ramesh Desai अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी