"महक उठा मोगरा" कहानी में बिमला और रघुवर की चर्चा होती है। बिमला अपने पति रघुवर को बताती है कि उनका कूड़ा उठाने वाला, रंजू, पगार बढ़ाने की मांग कर रहा है। रघुवर इस पर गुस्सा होता है और एक भी पैसा देने से मना कर देता है। रंजू काम छोड़ देता है, जिससे घर में कूड़े की दुर्गन्ध फैलने लगती है। रघुवर पास के पार्क में कूड़ा फेंकने लगता है, जबकि बिमला उसे गलत समझाती है। धीरे-धीरे पार्क में कूड़ा बढ़ता है, जिससे वहां की हवा प्रदूषित हो जाती है और लोग चिंतित हो जाते हैं। रघुवर की झिझक बढ़ती जाती है और वह अपने पड़ोसियों से नजरें चुराने लगता है। फिर एक दिन, रघुवर ने अपने पंचर टायर पड़ोसी की छत पर फेंक दिए। अंततः, इसी कूड़े की वजह से डेंगू फैलता है और रघुवर का पोता 'अक्षित' गंभीर रूप से बीमार हो जाता है। डॉक्टर बताते हैं कि उसकी बचने की संभावना नहीं है, जिससे पूरा परिवार दुखी हो जाता है। इस कहानी में समाज और व्यक्तिगत जिम्मेदारी का मुद्दा उठाया गया है। महक उठा मोगरा Jahnavi Suman द्वारा हिंदी लघुकथा 3.5k 1.3k Downloads 6.7k Views Writen by Jahnavi Suman Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण Mahak Utha Mogara - Suman Sharma More Likes This प्रतिघात: दिल्ली की वो शाम - 2 द्वारा Abantika हिकमत और कमाई द्वारा Devendra Kumar उड़ान (1) द्वारा Asfal Ashok नौकरी द्वारा S Sinha रागिनी से राघवी (भाग 1) द्वारा Asfal Ashok अभिनेता मुन्नन द्वारा Devendra Kumar यादो की सहेलगाह - रंजन कुमार देसाई (1) द्वारा Ramesh Desai अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी