कहानी "साहित्य में आतंकवाद" में विमल कुमार, एक लेखक, की संघर्षों का वर्णन है। विमल की रचनाएं संपादकीय कार्यालयों से गुम होने लगती हैं। मित्रों की सलाह पर उसने अपना नाम बदलकर 'कुमारविमल' रखा, लेकिन फिर भी रचनाएं नहीं छपतीं। अंततः उसे 'सिंह' नाम जोड़ने की सलाह दी जाती है, जिसके बाद 'विमल सिंह' नाम से उसकी रचना छप जाती है। हालांकि, धीरे-धीरे उसकी रचनाएं फिर से गुम होने लगती हैं। विमल को सलाह दी जाती है कि उसे किसी साहित्यिक अखाड़े से जुड़ना चाहिए। वह महंत जी से मिलता है, जो उसे 'विमलनाथ' नाम अपनाने का सुझाव देते हैं। विमलनाथ बनकर वह 'आस्था' पत्रिका में छपने लगता है, लेकिन अन्य पत्रिकाओं के दरवाजे उसके लिए बंद हो जाते हैं। विमलनाथ की चिंता बढ़ती है जब उसे हरिभाई नामक एक सफल लेखक मिलता है, जो हर जगह छपते हैं। हरिभाई का असली नाम हरिसिंह तलवार है, लेकिन वह 'भाई' नाम से जाने जाते हैं। कहानी इस बात पर प्रकाश डालती है कि साहित्य में नाम और पहचान की कितनी भूमिका होती है, और कैसे लेखक अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष करते हैं। Sahitya Me Aatankvad Sudarshan Vashishth द्वारा हिंदी हास्य कथाएं 5.8k 2.4k Downloads 6.8k Views Writen by Sudarshan Vashishth Category हास्य कथाएं पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण Sahitya Me Aatankvad - Sudarshan Vashishth More Likes This God Wishar - 3 द्वारा Ram Make Hero - 5 द्वारा Ram Make Potty Robbers and Me - 1 द्वारा BleedingTypewriter रशीली भाभी का जलवा द्वारा Md Siddiqui चेकपोस्ट:चाणक्य - 1 द्वारा Ashish jain मोहल्ले की भव्य शादी - 1 द्वारा manoj मजनू की मोहब्बत पार्ट-1 द्वारा Deepak Bundela Arymoulik अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी