"कौन सा सिरा पकड़ूं" कहानी में लेखक सुमन शर्मा ने विदेश यात्रा के प्रति भारतीयों की उत्सुकता और उनके अनुभवों पर चर्चा की है। जब लोग विदेश से लौटते हैं, तो वे अपने देश की स्थिति की आलोचना करने लगते हैं, लेकिन यह भूल जाते हैं कि देश को बेहतर बनाने में उनकी भी भूमिका होती है। कहानी में एक संवाददाता विभिन्न वर्ग के लोगों से बात करने निकलती है, ताकि वह जान सके कि लोग अपने देश को कैसे देखते हैं। पहले वह छात्रों से मिलती है, जो अपने भविष्य के लिए कई इच्छाएं व्यक्त करते हैं, जैसे कि एक रोबोट जो उनके गणित के सवाल हल कर सके या उन्हें होमवर्क करने से बचा सके। संवाददाता इन बच्चों की बातों को सुनकर सोचती है कि ये युवा मेहनत से बचने के तरीकों का सपना देख रहे हैं। इसके बाद वह एक महिला से भी बात करती है, जो गोल गप्पे खा रही है। कहानी में यह दिखाया गया है कि भारतीय समाज में बदलाव लाने के लिए सभी का सहयोग आवश्यक है और देश की प्रगति के लिए प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। कौन सा सिरा पकड़ूं ! Jahnavi Suman द्वारा हिंदी हास्य कथाएं 6.8k 2k Downloads 5.7k Views Writen by Jahnavi Suman Category हास्य कथाएं पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण Kaun Sa Sira Pakadu ! - Suman Sharma More Likes This फ़ेक फ़िऑन्से चैलेंज - 1 द्वारा priyanka katiyar Rebirth of a Bench - Index द्वारा Amardeep Kumar God Wishar - 3 द्वारा Ram Make Hero - 5 द्वारा Ram Make Potty Robbers and Me - 1 द्वारा BleedingTypewriter रशीली भाभी का जलवा द्वारा Md Siddiqui चेकपोस्ट:चाणक्य - 1 द्वारा Ashish jain अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी