"बजरंगी लल्ला की बारात" कहानी एक गांव में हो रही शादी की तैयारियों पर आधारित है। सभी लोग बारात के लिए उत्साहित हैं और अपनी-अपनी तैयारियों में लगे हुए हैं। दूल्हा, बजरंगी लाल, अपनी सजावट और पहनावे के साथ तैयार है, जिसमें उसकी मां भी उसकी आंखों में काजल डालने की चिंता करती है। बारात का समय दोपहर 12 बजे का है, लेकिन गांव से बल्लभपुर तक की दूरी (27 कोस) और तैयारी में देरी के कारण सब लोग समय पर नहीं पहुंच पाते। नाई धनपत लोगों को जल्दी आने के लिए बुलाता है, जबकि सबको पता है कि यात्रा में समय लगेगा। अंत में, जब बस चार बजकर पचपन मिनट पर हॉर्न देती है, तो सभी लोग तैयार होकर यात्रा पर निकलते हैं। कहानी में गांव के लोगों की जीवंतता, शादी की रौनक और बारात के लिए की जा रही तैयारियों का चित्रण किया गया है। बजरंगी लला की बारात Subhash Chander द्वारा हिंदी हास्य कथाएं 4.9k 3k Downloads 11.6k Views Writen by Subhash Chander Category हास्य कथाएं पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण Bajrangi Lalla ki Baraat More Likes This साहित्य का सर्कस - 1 द्वारा rakshita pal रांड का संड - भाग 1 द्वारा Renu Chaurasiya Conversations With Myself - 4 द्वारा Aarushi Singh Rajput पिंकू की परी - 1 द्वारा Deepak Kumar Tiwari वेरियन के आसमान का खूंखार ताज - 4 द्वारा sukhvinder Singh Rai प्यार भी तुमसे और टकरार भी - 1 द्वारा July Writes Mr. Ms. Fake - एपिसोड 1 द्वारा kajal jha अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी