"लागदात" कहानी प्रेमचंद द्वारा लिखी गई है, जिसमें जोखू भगत और बेचन चौधरी के बीच तीन पीढ़ियों से चली आ रही अदावत का विवरण है। यह विवाद मूलतः कुछ जमीन के झगड़े से शुरू हुआ था, जो समय के साथ इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों ने अदालतों का सहारा लिया, लेकिन समाधान नहीं निकला। दोनों परिवारों के बीच की दुश्मनी ने गाँव को दो विरोधी दलों में विभाजित कर दिया, जिसमें उनके सामाजिक और धार्मिक विचार भी एक-दूसरे से भिन्न थे। चौधरी ने स्वराज्य के पक्ष में आवाज उठाई, जबकि भगत ने राजभक्ति का समर्थन किया। जब देश में राजनीतिक आंदोलन शुरू हुआ, चौधरी ने स्वराज्य की बात की और भगत ने उसकी आलोचना की। दोनों ने अपने-अपने विचारों के लिए दल बनाए और गाँव में उनकी विचारधारा के अनुसार विभाजन हुआ। चौधरी ने लोगों से आग्रह किया कि वे अपने झगड़े खत्म करें और एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए लड़ें। कहानी इस बात को दर्शाती है कि व्यक्तिगत दुश्मनी और सामाजिक बंटवारे राजनीतिक जागरूकता को कैसे प्रभावित कर सकते हैं और यह विचार करती है कि आत्मबल और मेल-मिलाप से ही सामाजिक बदलाव संभव है। लागदात Munshi Premchand द्वारा हिंदी लघुकथा 1.2k 1.3k Downloads 4.1k Views Writen by Munshi Premchand Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण Laagdaat More Likes This मुक्त - भाग 14 द्वारा Neeraj Sharma पिता और अन्य कहानियाँ, भाग-1 द्वारा Anil Kundal Childhood Friends - Episode 3 द्वारा unknownauther सजा.....बिना कसूर की - 1 द्वारा Soni shakya प्रेरणास्पंदन - 2-3 द्वारा Bhupendra Kuldeep मंजिले - भाग 46 द्वारा Neeraj Sharma हमको ओढ़ावे चदरिया अब चलती बिरया द्वारा Devendra Kumar अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी