"निर्मला" कहानी प्रेमचंद द्वारा लिखी गई है। इस कहानी में बाबू उदयभानुलाल का परिवार प्रस्तुत किया गया है, जिसमें उनकी दोनों बेटियाँ, निर्मला और कृष्णा, मुख्य पात्र हैं। निर्मला की उम्र पन्द्रह साल है और वह गंभीर, अंतर्मुखी और लज्जाशील हो गई है, जबकि कृष्णा अभी भी चंचल और खेलकूद में व्यस्त है। कहानी की शुरुआत में, बाबू उदयभानुलाल अपने बड़े बेटे के लिए निर्मला की शादी की तैयारी कर रहे हैं। वर के पिता ने दहेज की चिंता न करने की बात कही है, जिससे बाबू जी का मनोबल बढ़ गया है। हालाँकि, निर्मला को इस विवाह को लेकर अज्ञात भय और चिंता है। वह अपने जीवन में होने वाले बदलावों को लेकर चिंतित है, जो उसकी मासूमियत और बचपन को समाप्त कर सकता है। इस प्रकार, यह कहानी विवाह, पारिवारिक अपेक्षाएँ और युवा मन की जटिलताओं को दर्शाती है। Nirmala Munshi Premchand द्वारा हिंदी लघुकथा 61.3k 6.3k Downloads 20k Views Writen by Munshi Premchand Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण Nirmala - Premchandji More Likes This मुक्त - भाग 14 द्वारा Neeraj Sharma पिता और अन्य कहानियाँ, भाग-1 द्वारा Anil Kundal Childhood Friends - Episode 3 द्वारा unknownauther सजा.....बिना कसूर की - 1 द्वारा Soni shakya प्रेरणास्पंदन - 2-3 द्वारा Bhupendra Kuldeep मंजिले - भाग 46 द्वारा Neeraj Sharma हमको ओढ़ावे चदरिया अब चलती बिरया द्वारा Devendra Kumar अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी