यह कहानी एक महिला की है जो अपनी पुरानी यादों में खोई हुई है और उसकी सेहत बहुत खराब है। वह अपनी सात बहनों में सबसे बड़ी है और अपने पिता की मेहनत से जीवन यापन करती है। उसके पिता हमेशा कहते हैं कि मजदूरी कम है और घर में खाने की कमी है, जिससे वह समझ जाती है कि उसे भूखा सोना पड़ेगा। उसे अपने छोटे भाई-बहनों की देखभाल करनी होती है और अपनी माँ की कमजोरी के कारण माँ भी काम नहीं कर पाती। वह अपने आप को देखने पर सोचती है कि वह सुंदर नहीं है, लेकिन शादी के लायक जरूर है। दुर्गा पूजा का त्यौहार आने पर उसे थोड़ी उम्मीद होती है कि कुछ अच्छा होगा, लेकिन उसे पता है कि भगवान हर साल की तरह इस बार भी उनके परिवार पर मेहरबान नहीं होंगे। कहानी में नारी के बलिदान और संघर्ष को दर्शाया गया है। होना नारी का… Rajesh Mehra द्वारा हिंदी सामाजिक कहानियां 3.8k 2.4k Downloads 11.8k Views Writen by Rajesh Mehra Category सामाजिक कहानियां पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण नारी जीवन कितना कठिन है उस देश में जहाँ पर नारी को केवल खिलौना ही समझा जाता है, किन्तु वह अपने लिय कभी नही जीती अपना जीवन देकर भी वह अपना वह स्थान नही बना पाती जो उसे मिलना चाहिए More Likes This कुछ बातें मां बाप के दिल की । - 1 द्वारा miss k सूर्यकुल का सूर्यास्त - 1 द्वारा ALLA NOOR KHAN मुक्त - भाग 13 द्वारा Neeraj Sharma मांई के मांई द्वारा Anant Dhish Aman हंटर - 2 द्वारा Ram Make अंधविश्वास - अंधेरा नहीं, सोच बदलो - 1 द्वारा Kaushik dave टूटता हुआ मन - भाग 1 द्वारा prem chand hembram अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी