यह कहानी एक काल्पनिक प्रेम की है, जिसमें प्रेम की गहराई जाति और धर्म के बंधनों को तोड़ देती है। यह प्रेम और अहंकार के बीच की निरंतर संघर्ष की कहानी है और इसमें सभी पात्र काल्पनिक हैं, लेकिन यह आधुनिक समाज में होने वाली ऑनर किलिंग की सच्ची घटनाओं पर आधारित है। कहानी में बचपन का महत्व बताया गया है, जहाँ बच्चे जाति और धर्म से अज्ञात होते हैं और केवल प्रेम ही प्रेम होता है। यह प्रेमी युगल बचपन के दोस्त थे, जो एक-दूसरे से बिछड़ गए और बाद में मिले, जिससे उनके बीच प्यार जाग उठा। कहानी की एक महत्वपूर्ण घटना सोनापुर गाँव में घटित होती है, जहाँ मातम का माहौल है। गाँव में दो चिताएं जल रही हैं, और एक पात्र, अमर बहादुर, गहरे दुख में हैं। उनकी आँखों से आंसू बह रहे हैं और वे अपने दर्द को छिपा नहीं पा रहे हैं। इस कहानी में प्रेम, समाज के बंधनों और व्यक्तिगत संघर्षों का चित्रण किया गया है। अंतर जातीय सम्बन्ध Lakshmi Narayan Panna द्वारा हिंदी प्रेम कथाएँ 28.5k 2.4k Downloads 13k Views Writen by Lakshmi Narayan Panna Category प्रेम कथाएँ पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण प्रकाश का सिलेक्शन एक सरकारी विभाग में अधिकारी पद पर हो गया था । वह अपने काम में पूरी तरह व्यस्त हो गया था उसे अब पुरानी बात याद करने का समय भी नही रह गया था । वह समय भी आ गया जब सौम्या का सिलेक्शन भी उसी विभाग में हो गया जहाँ प्रकाश पहले से ही पोस्टेड था । एक दिन जब दोनों पहली बार मिलते हैं , तो वे एक दूसरे के लिए अजनबी होते हैं । वे दोनों ही यह नही जान पाते कि वे बचपन के दोस्त हैं और साथ साथ पढ़े हैं । क्योंकि बचपन में छोटे-छोटे बालों से दो चोटी करने वाली नकचढ़ी लड़की अब वैसी नही रही थी । अब वह सुंदर सुड़ौल और आकर्षक शरीर वाली जवान युवती थी । उम्र के अनुसार पर्याप्त वसा का जमाव शरीर को आकर्षण और त्वचा को चमक प्रदान कर रहा था । उसकी बड़ी- बड़ी मनमोहक आँखें और घने लम्बे बाल उसकी सुंदरता में चार चाँद लगा रहे थे । उस दिन हरित वस्त्रों में उसका गौर बदन और भी आकर्षक लग रहा था , उसके खूबसूरत गुलाबी होंठ ऐसे लग रहे थे जैसे कोई खिलता हुआ कमल मुस्करा कर कह रहा हो की तेरी ही तलाश थी मुझे । प्रकाश भी अब वैसा नही था उसके चेहरे पर जीत की रौनक साफ दिखती थी पहले की तरह गरीबी के कारण परेशान सा दिखनेवाला मासूम प्रकाश नही था । अब वह गठीले शरीर वाला आत्मविश्वास से भरा हुआ एक हष्ट-पुष्ट नवयुवक था । दोनों ही एक दूसरे को पहचान नही रहे थे फिर भी उनको ऐसा लग रहा था कि वे पहले भी कभी मिले हैं , पर कहाँ कुछ याद नही आ रहा था More Likes This मेरी हो तुम - 1 द्वारा Pooja Singh श्रापित एक प्रेम कहानी - 38 द्वारा CHIRANJIT TEWARY When Stranger Fall in love - 1 द्वारा silent Shivani उभरा इश्क - 1 द्वारा Sonali Rawat पहला प्यार : अनकहा एहसास - भाग 1 द्वारा Himanshu Shukla तेरी मेरी कहानी - 1 द्वारा smita इस घर में प्यार मना है - 4 द्वारा Sonam Brijwasi अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी