इस कहानी में एक पहाड़ी इलाके की हवा का वर्णन है, जो तेजी से दौड़ रही है। शशांक जब घर आता है, तो उसकी माँ उसे अपनी चिंता व्यक्त करती है, उसे पहाड़ों के खतरों के बारे में चेतावनी देती है। शशांक को देर होने का कारण समझ आता है, क्योंकि यहाँ के घर दूर-दूर हैं। लेकिन माँ को एक बड़ी घटना का पता है, जो शशांक को नहीं मालूम। माँ बताती है कि उसके चाचा की माँ का निधन हो गया है, जिससे शशांक चौंक जाता है। कहानी में शशांक की माँ की चिंताओं और पहाड़ी इलाके की खतरनाक परिस्थितियों को दर्शाया गया है। हवा Neetu Singh Renuka द्वारा हिंदी लघुकथा 7.9k 2.3k Downloads 9.3k Views Writen by Neetu Singh Renuka Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण शशांक भूत-प्रेतों में विश्वास नहीं रखता। ऐसी बातें करने के लिए अपनी माँ का भी मज़ाक उड़ाया करता था। वह एक बिंदास, बेबाक, हँसमुख लड़का था। मगर उसकी हँसी उस दिन गायब हो गई जिस दिन.... More Likes This पढ़ाकू द्वारा Vandna Sharma कोन्निचिवा: माय देसी लव - 1 द्वारा Kajal Soam किराए का घर द्वारा Vandna Sharma First Love - 1 द्वारा Sah Ankita जिस जीवन में तुम थे - 2 द्वारा SHREYA INDUSHREE तुम्हें भी तो याद आती होगी - 1 द्वारा Anil Kundal मेरा साहित्य लेखन द्वारा Rakesh Kumar Sharma अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी