गाँव रामगढ़ में चुनावी वादे के तहत नेताजी ने रेलवे स्टेशन को आधुनिक बनाने का वादा किया। गाँव के गरीब और अनपढ़ लोग इस वादे से प्रभावित हुए और नेताजी को वोट दिया। चुनाव जीतने के बाद, नेताजी ने स्टेशन का निर्माण कार्य तेज किया, लेकिन गाँव वाले नई तकनीक से अनजान थे। जब स्टेशन का उद्घाटन हुआ, तो श्याम प्रसाद का परिवार पहली बार उसमें प्रवेश करता है। अत्याधुनिक सुविधाएं देखकर वे भयभीत हो जाते हैं। दरवाजे अपने आप खुलते हैं, जिससे श्याम प्रसाद और उनका परिवार startled हो जाते हैं। उनकी पत्नी और बेटी भी डरती हैं। पूछताछ खिड़की से कंप्यूटर द्वारा आवाज आती है, जिससे सुभद्रा और अन्य लोग और घबरा जाते हैं। श्याम प्रसाद की बहन शारदा सबसे पहले पूछताछ करने जाती है, लेकिन श्याम उसे रोकता है, यह बताते हुए कि यह रेलवे पूछताछ विभाग है, न कि भविष्य बताने वाला पंडित। यह कहानी गाँव की सरलता और आधुनिकता के बीच के संघर्ष को दर्शाती है। रामगढ़ Jahnavi Suman द्वारा हिंदी हास्य कथाएं 7.4k 2.9k Downloads 7.3k Views Writen by Jahnavi Suman Category हास्य कथाएं पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण Ramgadh More Likes This यमलोक कस्टमर केयर: कृपया लाइन पर बने रहें! द्वारा sukhvinder Singh Rai आरुणि की गुरुभक्ति द्वारा Dr. Pradeep Kumar Sharma नामुमकिन इश्क - एपिसोड 47 द्वारा kajal jha थ्योरी ऑफ वन शू: रात, रिस्क और स्प्लेंडर - 1 द्वारा Shivam Dhuriya गुप्त ख़ज़ाना द्वारा Shivam Dhuriya तीन तिगाड़ा, असाइनमेंट बिगाड़ा! द्वारा Shivam Dhuriya साहित्य का सर्कस - 1 द्वारा rakshita pal अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी