कहानी एक जनवरी के दिन की है, जब narrator धूप में बैठकर चाय पी रही थी और विदेश यात्रा के विचारों में खोई हुई थी। अचानक उसे झपकी आती है और वह अपने उदास मन का विश्लेषण करने लगती है। एक स्वप्न में, वह एक तेज गति से चलने वाली रेलगाड़ी में यात्रा कर रही होती है, जहाँ उसे ऊब और घुटन का अनुभव होता है। वह एक अपरिचित स्टेशन पर रेलगाड़ी से उतरती है और प्लेटफॉर्म पर टहलने लगती है। टहलते-टहलते वह इतनी दूर निकल जाती है कि गाड़ी का हॉर्न बजने पर भी वह वापस नहीं पहुँच पाती। वह गाड़ी के पीछे दौड़ती है, लेकिन अंततः गाड़ी उसकी आँखों से ओझल हो जाती है। इस अनुभव के बाद, वह अपने अकेलेपन और जीवन की परिस्थितियों के बारे में सोचती है, जिसमें हर कोई अपने-अपने स्वार्थों में तल्लीन है और सभी खुद को अकेला महसूस कर रहे हैं। लौट चल Dr kavita Tyagi द्वारा हिंदी लघुकथा 1.3k Downloads 6.1k Views Writen by Dr kavita Tyagi Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण उन्नति की चाह में भागमभाग व्यक्ति कभी पीछे मुड़कर नहीं देखता और उसी भागमभाग में वह अपने आत्मीय जनों को छोड़कर कब -कहां कितना आगे निकल जाता है पता ही नहीं चलता । बहुत आगे पहुंचने पर जब भीड़ में स्वयं को अकेला पाता है, तब अपने आत्मीय जनों की याद आती है । इसी तथ्य को केंद्र में रखकर प्रस्तुत कहानी की सर्जना की गई है । More Likes This दिल्ली जिमखाना क्लब द्वारा Devendra Kumar Fake Boyfriend real Feelings - 1 द्वारा Mawaskar Pratigya कॉल - 1 द्वारा sky कुछ बातें मां बाप के दिल की । - 3 द्वारा miss k पढ़ाकू द्वारा Vandna Sharma कोन्निचिवा: माय देसी लव - 1 द्वारा Kajal Soam किराए का घर द्वारा Vandna Sharma अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी