यह कहानी मीना नाम की एक महिला के बारे में है, जो एक तेज़ चलती बस में यात्रा कर रही है। अचानक बस के ड्राइवर ने जोर से ब्रेक लगाया, जिससे यात्री एक-दूसरे पर गिरते-गिरते बचे। मीना का पर्स गिरकर खुल गया, जिससे उसका सामान बिखर गया। लोग ड्राइवर को गालियाँ दे रहे थे, लेकिन एक बुजुर्ग महिला ने मीना की मदद की। जब बस फिर से चलने लगी, मीना ने बाहर देखा और एक कुत्ते को ए.सी. के पास लेटा हुआ पाया। यह दृश्य उसे गर्मियों की याद दिलाता है, जब वह गर्मी से परेशान होकर रैना दीदी के घर जाती थी, जो शांत और ठंडा होता था। मीना अपनी यादों में खो जाती है और अपने अनुभवों का आनंद लेती है। आत्माभिमान की चोरी Neetu Singh Renuka द्वारा हिंदी लघुकथा 2k 1.7k Downloads 5.1k Views Writen by Neetu Singh Renuka Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण मीना एन निम्न मध्यमवर्गीय गृहणी है जो चाह कर भी अपनी रोज़मर्रा की ज़रूरतों से बाहर नहीं निकल पाती। परंतु रैना दीदी के प्रोत्साहन से वह अपनी सीमाओं के घेरे से बाहर निकलने में सफल होती है। परिश्रम से कमाया धन लेकर वह वापस लौट रही होती है, लेकिन.... More Likes This उड़ान (1) द्वारा Asfal Ashok नौकरी द्वारा S Sinha रागिनी से राघवी (भाग 1) द्वारा Asfal Ashok अभिनेता मुन्नन द्वारा Devendra Kumar यादो की सहेलगाह - रंजन कुमार देसाई (1) द्वारा Ramesh Desai मां... हमारे अस्तित्व की पहचान - 3 द्वारा Soni shakya शनिवार की शपथ द्वारा Dhaval Chauhan अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी