कहानी "कबूतर बाज" लाला राम दयाल और उनके बेटे बच्चू मल के इर्द-गिर्द घूमती है। लाला जी ने अपने बेटे से पूछा कि क्या उन्होंने रसोइया बदल दिया है, क्योंकि उन्हें चिंता है कि नया रसोइया उन्हें कंगाल कर सकता है। बच्चू ने रसोइये को निर्देश दिए कि दाल में दाने कम और पानी ज्यादा डालें और फुल्का कच्चा रखें, ताकि खाना ठीक से न बने। बच्चू को कबूतर उड़ाने का शौक है, जिसके कारण लोग उसे "कबूतर बाज" कहते हैं। वह शर्त लगाकर दूसरे शहरों में भी कबूतर उड़ाने जाता है, लेकिन वह अधिकतर हारता है, जिससे उसके कारोबार पर असर पड़ता है। लाला राम दयाल ने बहुत संपत्ति बनाई है, लेकिन अब उम्रदराज होने के कारण उनके बेटे को कारोबार संभालना पड़ता है, जबकि उसका ध्यान हमेशा कबूतर बाजी में रहता है। इस प्रकार, कहानी संघर्ष और उत्तरदायित्व के बीच संतुलन बनाने की कोशिश को दर्शाती है, और यह दिखाती है कि कैसे शौक और जिम्मेदारियां एक व्यक्ति के जीवन को प्रभावित कर सकती हैं। कबूतर बाज Ved Prakash Tyagi द्वारा हिंदी लघुकथा 51k 4.3k Downloads 17k Views Writen by Ved Prakash Tyagi Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण बच्चू का समय खराब चल रहा था, एक एक करके सभी दुकाने शर्तों में हारता जा रहा था, जुआ खेलने की आदत और पड़ गई थी। बच्चू की इन आदतों से तंग आकर उसकी धर्मपत्नी राम वती बीमार रहने लगी। More Likes This अहमदाबाद के चर्चे द्वारा Devendra Kumar एक पुरुष—सबके बीच अकेला - 1 द्वारा Aloka Patel Anime - 2 द्वारा shifa आखिरी कोशिश - 1 द्वारा Subhan Khan कहाँ खो गया वह होशियार अजय - 1 द्वारा Anamika ठुकराईन नयना देवी - 3 द्वारा Vandna Sharma लोकतंत्र की ज़मीनी सच्चाई - 1 द्वारा Std Maurya अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी