कहानी "फुलरानी" एक पति और पत्नी, सविता और narrator के बीच के तनाव को दर्शाती है। पति ने सविता से बच्चे को गोद लेने की बात की, लेकिन सविता इस पर नाखुश है। एक दिन जब सविता रोते-रोते अपने कमरे में चली जाती है, narrator अकेला महसूस करता है और टीवी देखते हुए सो जाता है। उसे एक तितली, जिसे फुलरानी कहा जाता है, का सपना आता है। फुलरानी उसे पूछती है कि क्यों वह सविता से झगड़ रहा है। narrator अपनी समस्या बताता है कि उन्हें सात साल हो गए हैं, लेकिन कोई बच्चा नहीं हुआ है। डॉक्टरों ने भी बताया है कि शायद वे कभी माता-पिता नहीं बन पाएंगे। narrator सोचता है कि इस स्थिति में रुठकर बैठना उचित नहीं है। कहानी प्रेम, संघर्ष और बच्चा न होने की चाह को लेकर है। फुल-रानी Manish Gode द्वारा हिंदी लघुकथा 3.2k 3.1k Downloads 14.5k Views Writen by Manish Gode Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण फुलरानी... हमारे जीवन में खुशीयाँ लानेवाली, सविता की सूनी गोद भरने वाली...! उसे ‘माँ ‘ बनाने वाली, हमारे सपनों को पुरा करने वाली... हमारी... फुलरानी...!!! More Likes This पहली मुलाक़ात - 1 द्वारा puja नेहरू फाइल्स - भूल-113 द्वारा Rachel Abraham प्रतिघात: दिल्ली की वो शाम - 2 द्वारा Abantika हिकमत और कमाई द्वारा Devendra Kumar उड़ान (1) द्वारा Asfal Ashok नौकरी द्वारा S Sinha रागिनी से राघवी (भाग 1) द्वारा Asfal Ashok अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी