इस कहानी में विपुल, जो एक कंपनी का मैनेजर है, ऑफिस में देर से काम करने के कारण बाहर निकलता है। उसे ठंड का अहसास होता है और वह एक वृद्ध को सड़क पर हाथ हिलाते हुए देखता है। वृद्ध अपनी बेहोश पत्नी को अस्पताल पहुँचाने के लिए मदद मांगता है। विपुल दया दिखाते हुए वृद्धा को गाड़ी में लिटा देता है और अस्पताल की ओर बढ़ता है। जब वह अस्पताल पहुँचता है, तो वह देखता है कि वृद्ध भी बेहोश हो गया है। घबराए हुए विपुल डॉक्टर को सूचित करता है, और दोनों को तुरंत भर्ती कर लिया जाता है। डॉक्टर विपुल को बताता है कि वृद्ध और उसकी पत्नी की हालत बहुत गंभीर है। विपुल उन्हें बचाने का वादा करता है और कहता है कि वह खर्च उठाने को तैयार है। यह कहानी दया, मानवता और सहायता के महत्व को दर्शाती है। सहारा Namita Gupta द्वारा हिंदी नाटक 24.3k 3.4k Downloads 12.3k Views Writen by Namita Gupta Category नाटक पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण It is a book that will tell you the modern trends of the relations present inside the family...... How the present day children treat their parents How parents feel after that unkind behaviour More Likes This सफ़र-ए-दिल - जब नफ़रत जुनून में बदल जाए.. - 1 द्वारा Abantika दो पतियों की लाडली पत्नी - 2 द्वारा Sonam Brijwasi प्रतिघात: दिल्ली की वो शाम - 1 द्वारा Abantika नम आँखे - 1 द्वारा Nandini Agarwal Apne Kalam Sein अदृश्य पीया - 3 द्वारा Sonam Brijwasi सौदे का सिन्दूर - भाग 1 द्वारा Anil singh इस घर में प्यार मना है - 1 द्वारा Sonam Brijwasi अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी