विष्णु प्रभाकर एक प्रसिद्ध हिंदी लेखक और साहित्यकार थे, जिनका जन्म 21 जून 1912 को मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश में हुआ। उन्होंने कहानी, उपन्यास, नाटक और निबंध सहित विभिन्न साहित्यिक विधाओं में काम किया। उनके कुछ प्रमुख उपन्यासों में "ढलती रात," "स्वप्नमयी," और "अर्धनारीश्वर" शामिल हैं। नाटकों में "हत्या के बाद," "नव प्रभात," और "अब और नहीं" जैसे काम शामिल हैं। उनकी आत्मकथा "श्पंखहीन" तीन खंडों में प्रकाशित हुई है, और उनकी जीवनी "आवारा मसीहा" भी प्रसिद्ध रही। प्रभाकर ने यात्रा वृत्तांत भी लिखे, जिनमें "ज्योतिपुन्ज हिमालय" और "जमुना गंगा के नैहर" शामिल हैं। उन्होंने कविताएं भी लिखी हैं, जो उनकी साहित्यिक रचनाओं का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। उनका निधन 11 अप्रैल 2009 को दिल्ली में हुआ। उनकी रचनाएं हिंदी साहित्य में महत्वपूर्ण स्थान रखती हैं। विष्णु प्रभाकर MB (Official) द्वारा हिंदी जीवनी 3.8k 12k Downloads 28k Views Writen by MB (Official) Category जीवनी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण कविता, उपन्यास और नाटकों में अपना नाम बनानेवाले साहित्यकार विष्णु प्रभाकर की कुछ प्रसिध्ध रचनायें More Likes This खण्ड - 01 महाराणा सहस्त्र वर्षों का धर्मयुद्ध - 1.. बाप्पा रावल : मेवाड़ के संस्थापक राजा द्वारा Hind Gaurav सम्राट अशोक : तलवार, युद्ध और धर्म - 1 द्वारा Rishav raj मैं दादा-दादी की लाड़ली - 1 द्वारा sapna यादो की सहेलगाह - रंजन कुमार देसाई (2) द्वारा Ramesh Desai नकल से कहीं क्रान्ति नहीं हुई - 1 द्वारा Dr. Suryapal Singh अवसान विहीन अरुणेश द्वारा नंदलाल मणि त्रिपाठी प्रेमानंद जी : राधा-कृष्ण लीला के रसिक साधक - 1 द्वारा mood Writer अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी