पार्वती चाची अपने मझले बेटे की शादी की तैयारी में व्यस्त हैं, जिसमें पहली बार एक बड़े अफसर की बेटी आ रही है। चाची गर्व महसूस कर रही हैं कि उनके बेटे का रिश्ता इतना अच्छे घर से हुआ है। लेकिन, नलिनी बुआ और नन्हे की अम्मा ने चाची को चेतावनी दी है कि बड़े अफसर की बेटी लाने से परेशानी हो सकती है। चाची थोड़ी चिंतित होती हैं, लेकिन जब उन्हें होने वाली बहू की भोली छवि याद आती है, तो वे नकारात्मक विचारों को छोड़कर काम में लग जाती हैं। उन्हें शादी की तैयारी में मदद करने के लिए गाँव की औरतें भी आ रही हैं। पार्वती चाची Neerja Dewedy द्वारा हिंदी लघुकथा 4.2k 2.6k Downloads 10.6k Views Writen by Neerja Dewedy Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण पार्वती चाची नीरजा द्रिवेदी पार्वती चाची नई नवेली दुल्हन के स्वागत की तैयारी मे व्यस्त थीँ. कितने चाव से अपने मझले बेटे के लिये रिश्ता पक्का किया था. पहली बार इस गाँव मे एक बडे अफसर की बेटी ब्याह कर आ रही थी. बडे घर की बेटी तो आनी ही है--- बडी शान से चाची बोली थीँ-- मेरा लाल किसी से कम है क्या? पहली बार इस गाँव का एक बेटा बडा अफसर बना है. अब बडा अफसर बन गया तो एक नहीँ हज़ार रिश्ते आयेँगे. यह सुन कर नलिनी बुआ चुप न रह सकीँ अपने पोपले मुँह को गोल घुमाकर बोलीँ-- More Likes This प्रतिघात: दिल्ली की वो शाम - 2 द्वारा Abantika हिकमत और कमाई द्वारा Devendra Kumar उड़ान (1) द्वारा Asfal Ashok नौकरी द्वारा S Sinha रागिनी से राघवी (भाग 1) द्वारा Asfal Ashok अभिनेता मुन्नन द्वारा Devendra Kumar यादो की सहेलगाह - रंजन कुमार देसाई (1) द्वारा Ramesh Desai अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी