यह कहानी स्नेहा और राहुल के बचपन के दोस्ती के बारे में है। स्नेहा एक महत्वाकांक्षी एक्टर बनना चाहती थी, जबकि राहुल एक सफल व्यवसायी बनने का सपना देखता था। स्नेहा को राहुल के प्यार का एहसास तब हुआ जब वह उससे दूर हो गई। हालांकि, उसने अपने सपनों को पहले रखा और कभी राहुल के प्यार को गंभीरता से नहीं लिया। जब स्नेहा के करियर में सफलता आई, तब उसे राहुल की कमी महसूस होने लगी और उसने उसे खोजने की कोशिश की। एक फिल्म के प्रमोशन के दौरान उसकी राहुल से फिर से मुलाकात हुई। स्नेहा चाहती थी कि वह अपने दिल की बात राहुल को बता सके, लेकिन वह राहुल के बदलते रूप से थोड़ा चिंतित थी। कहानी उनके रिश्ते के उतार-चढ़ाव और स्नेहा की भावनाओं की खोज के इर्द-गिर्द घूमती है। काश वो दिन वापस आ जाते........ zeba Praveen द्वारा हिंदी लघुकथा 5.9k 2.6k Downloads 14.6k Views Writen by zeba Praveen Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण अनसुनी कहानी ! ये एक काल्पनिक कथा है और इसका वास्तविकता से कोई सम्बन्ध नहीं है,इस कहानी का उदेश्य किसी के अहसासों को ठेस पहुँचाना नहीं है बल्कि मैं अपनी काल्पनिक रचनाओं को लोगो तक पहुँचाना चाहती हूँ! More Likes This ठुकराईन नयना देवी - 3 द्वारा Vandna Sharma लोकतंत्र की ज़मीनी सच्चाई - 1 द्वारा Std Maurya दिल्ली जिमखाना क्लब द्वारा Devendra Kumar Fake Boyfriend real Feelings - 1 द्वारा Mawaskar Pratigya कॉल - 1 द्वारा sky कुछ बातें मां बाप के दिल की । - 3 द्वारा miss k पढ़ाकू द्वारा Vandna Sharma अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी